17 दिनों के अनिश्चितकालीन धरने के बाद कांग्रेस पार्षदों का धरना समाप्त, प्रशासन ने मानीं मांगें
Kurud : धमतरी जिले के कुरुद नगर में नगर पालिका अध्यक्ष और मुख्य नगर पालिका अधिकारी (सीएमओ) की मनमानी तथा नगर के हितों की अनदेखी के विरोध में कांग्रेस पार्षदों का अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन 17वें दिन सफलतापूर्वक समाप्त हो गया। लगातार 17 दिनों तक शांतिपूर्ण, गांधीवादी और दृढ़ आंदोलन के बाद प्रशासन ने पार्षदों की न्यायोचित मांगों पर सहमति जताई।
मुख्य नगर पालिका अधिकारी स्वयं धरना स्थल पर पहुंचे और 26 दिसंबर को आयोजित होने वाली नगर परिषद की सामान्य सभा की लिखित सूचना, एजेंडा सहित सभी पार्षदों को सौंप दी। इसके बाद कांग्रेस पार्षदों ने इसे लोकतंत्र की ताकत बताते हुए धरना समाप्त करने की घोषणा की।
जनता की एकजुटता से मिली जीत- पार्षदों का बयान
कांग्रेस पार्षदों ने कहा कि 17 दिनों तक नगर प्रशासन के खिलाफ चलाया गया संघर्ष पूरी तरह शांतिपूर्ण रहा। आंदोलन को नगर के व्यापारियों, युवाओं, महिलाओं, बुजुर्गों और आम नागरिकों के साथ ही कांग्रेस संगठन का व्यापक समर्थन मिला। प्रतिदिन बढ़ती जनभागीदारी ने प्रशासन पर दबाव बनाया और अंततः सकारात्मक परिणाम सामने आया।
पार्षदों ने इसे किसी एक दल की नहीं, बल्कि कुरुद की जनता की जीत करार दिया। उन्होंने कहा कि आगे भी नगर के हक, सम्मान और विकास के लिए संघर्ष जारी रहेगा।
तानाशाही सोच की हार, जनता की जीत- देवव्रत साहू
नगर पालिका उपाध्यक्ष देवव्रत साहू ने कहा कि 17 दिनों के अथक संघर्ष के बाद तानाशाही सोच की हार हुई और जनता की जीत दर्ज हुई। जनविरोधी फैसलों के खिलाफ उठी आवाज ने प्रशासन को झुकने पर मजबूर किया। उन्होंने इसे कुरुद की आत्मा की लड़ाई बताया और कहा कि यह जीत बुजुर्गों, महिलाओं और युवाओं सबकी साझा है। कुरुद अब चुप नहीं बैठेगा – यह जनता की चेतावनी है।
सच के साथ खड़े रहने की जीत- डुमेश साहू
नेता प्रतिपक्ष डुमेश साहू ने कहा कि लगातार 17 दिनों के धरने के बाद प्रशासन ने मांगें स्वीकार कीं। यह जीत किसी व्यक्ति की नहीं, बल्कि जनता, जनप्रतिनिधियों और संघर्षरत नागरिकों की एकजुटता की है। यह धैर्य, एकता और सच के साथ खड़े रहने की जीत है। जनआंदोलन की ताकत से ही सकारात्मक निर्णय संभव हुए।

