UCC पर भिड़े कांग्रेस-भाजपा, जीतू पटवारी ने सरकार से पूछे तीखे सवाल
मध्यप्रदेश में समान नागरिक संहिता (UCC) को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। यूसीसी समिति की राजनीतिक दलों के साथ होने वाली बैठक से पहले प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने सरकार पर निशाना साधते हुए कई सवाल उठाए। वहीं भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा ने कांग्रेस को अपने सुझाव समिति के समक्ष रखने की सलाह दी है।
“दूसरे राज्यों में क्या फायदा हुआ, पहले उसका जवाब दें” : जीतू पटवारी
पीसीसी चीफ जीतू पटवारी ने कहा कि UCC को लेकर गुजरात, उत्तराखंड और असम जैसे राज्यों में पहले ही कदम उठाए जा चुके हैं, लेकिन इससे आम लोगों को क्या लाभ मिला, इसका जवाब सरकार को देना चाहिए। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में करीब 1 करोड़ 60 लाख आदिवासी और मूल निवासी रहते हैं, जिनकी अपनी अलग संस्कृति, परंपराएं और सामाजिक व्यवस्था है। ऐसे में सरकार को उनकी भावनाओं और अधिकारों का भी ध्यान रखना चाहिए।
महिलाओं की सुरक्षा और घुसपैठियों के मुद्दे पर सरकार को घेरा
जीतू पटवारी ने कहा कि सरकार कभी एनआरसी तो कभी घुसपैठियों का मुद्दा उठाती है, लेकिन आज तक किसी भी घुसपैठिए को सार्वजनिक रूप से चिन्हित नहीं कर पाई है। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री मोहन यादव गृह विभाग भी संभाल रहे हैं, लेकिन प्रदेश में महिलाओं की सुरक्षा जैसे गंभीर मुद्दों पर जवाब देने से बचते हैं। पटवारी ने दावा किया कि मध्यप्रदेश में लाखों महिलाएं लापता हैं, लेकिन सरकार इस विषय पर कोई स्पष्ट जवाब नहीं देती और जनता का ध्यान दूसरे मुद्दों की ओर मोड़ने का प्रयास करती है।
“यूसीसी पर सुझाव देना है तो समिति के सामने रखें” : रामेश्वर शर्मा
भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा ने कांग्रेस के आरोपों पर पलटवार करते हुए कहा कि यदि कांग्रेस को यूसीसी को लेकर कोई आपत्ति या सुझाव है तो वह प्रशासनिक अकादमी में आयोजित बैठकों में अधिकारियों और समिति के समक्ष रख सकती है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस यह भी बता सकती है कि वह कानून को कितना सख्त देखना चाहती है और उसमें कौन-कौन से प्रावधान शामिल होने चाहिए।
“आदिवासियों को नहीं, कांग्रेस को है परेशानी”
रामेश्वर शर्मा ने कहा कि UCC से आदिवासी समाज को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होगी। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस को पहले से ही पता है कि इस व्यवस्था से किसे दिक्कत हो सकती है, इसलिए वह अनावश्यक भ्रम फैलाने की कोशिश कर रही है। भाजपा का मानना है कि यूसीसी समाज में समानता और न्याय सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।
