विकसित भारत की दिशा में छत्तीसगढ़ का मजबूत कदम, नीति आयोग की बैठक में शामिल होंगे मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में नई दिल्ली स्थित भारत मंडपम में आयोजित होने जा रही नीति आयोग की महत्वपूर्ण बैठक में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय भाग लेने के लिए रवाना हो गए हैं। बैठक से पहले मुख्यमंत्री ने राज्य के विकास रोडमैप, औद्योगिक नीति और नक्सलवाद के समाधान को लेकर अपनी प्राथमिकताएं स्पष्ट कीं।

“विकसित भारत” के सपने में छत्तीसगढ़ का योगदान

मुख्यमंत्री साय ने रवाना होने से पहले कहा कि वे इस उच्चस्तरीय बैठक में “विकसित भारत” के प्रधानमंत्री के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए “विकसित छत्तीसगढ़” की दिशा में राज्य सरकार की रणनीतियों को नीति आयोग के समक्ष प्रस्तुत करेंगे। उन्होंने कहा, “हमारा उद्देश्य है कि छत्तीसगढ़ हर क्षेत्र में समावेशी और संतुलित विकास करे, जिससे वह देश की प्रगति में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सके।”

बस्तर सहित पिछड़े क्षेत्रों पर विशेष ध्यान

मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर और अन्य आदिवासी क्षेत्रों के लिए राज्य सरकार की प्राथमिकता स्पष्ट है—यहां सुरक्षा के साथ-साथ विकास को एक साथ बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि सरकार की रणनीतिक और जनहितकारी नीतियों के चलते नक्सलवाद अब समाप्ति की ओर है।

“हमने सिर्फ सुरक्षा बलों की तैनाती ही नहीं की, बल्कि सड़कों, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के माध्यम से भी इन इलाकों को मुख्यधारा से जोड़ने का प्रयास किया है,” मुख्यमंत्री ने कहा।

औद्योगिक नीति और निवेश को मिलेगा बल

नीति आयोग की बैठक में मुख्यमंत्री छत्तीसगढ़ की नई औद्योगिक नीति को लेकर भी प्रस्तुति देंगे। उन्होंने बताया कि इस नीति के तहत निवेश को प्रोत्साहित करने, युवाओं को रोजगार देने और राज्य को औद्योगिक केंद्र के रूप में विकसित करने पर जोर दिया जा रहा है।

साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ में औद्योगिक अवसरों की संभावनाएं अपार हैं और राज्य सरकार निवेशकों को बेहतर सुविधाएं एवं माहौल देने के लिए प्रतिबद्ध है।

“विकसित भारत” में अग्रणी भूमिका निभाएगा छत्तीसगढ़

मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि छत्तीसगढ़ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “विकसित भारत” के सपने को साकार करने में अग्रणी भूमिका निभाएगा। उन्होंने कहा कि नीति आयोग की बैठक राज्य के लिए एक ऐसा मंच है, जहां राष्ट्रीय नीति निर्माण में छत्तीसगढ़ की भूमिका और योगदान को मजबूती से रखा जा सकेगा।

छत्तीसगढ़ अब सिर्फ खनिज और वन संसाधनों तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि एक ऐसे राज्य के रूप में उभर रहा है जो विकास, शांति और औद्योगिक प्रगति की दिशा में ठोस कदम बढ़ा रहा है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की नीति आयोग की इस बैठक में भागीदारी राज्य के भविष्य की विकास यात्रा के लिए एक महत्वपूर्ण पड़ाव साबित हो सकती है।

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