Bengaluru Stampede: बेंगलुरु में भगदड़, RCB की जीत का जश्न बना मातम, 11 की मौत और सियासत गरमाई

Bengaluru Stampede

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Bengaluru Stampede: बेंगलुरु में IPL टीम रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) की जीत का जश्न ऐसा मातम में बदल गया, जिसकी किसी ने कल्पना नहीं की थी। चिन्नास्वामी स्टेडियम के बाहर बुधवार को भारी भीड़ के बीच मची भगदड़ में अब तक 11 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 33 लोग घायल हुए हैं। हादसे की भयावहता का अंदाजा स्टेडियम के बाहर बिखरे जूते-चप्पलों और अस्पतालों में भर्ती घायलों को देखकर लगाया जा सकता है।

कैसे हुआ हादसा?

बुधवार को RCB की जीत का जश्न मनाने के लिए हजारों की संख्या में फैंस चिन्नास्वामी स्टेडियम के गेट नंबर 6 पर इकट्ठा हुए थे। भीड़ बेकाबू हो गई और लोगों ने गेट तोड़ दिए, जिससे भगदड़ मच गई। हादसे में 6 लोगों की मौत बॉरिंग अस्पताल में, 4 की मौत वैदेही अस्पताल में और 1 की मौत मणिपाल अस्पताल में इलाज के दौरान हुई। घायल अब भी विभिन्न अस्पतालों में भर्ती हैं।

CM सिद्धारमैया के बयान से बवाल

हादसे के बाद मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के एक बयान ने सियासी पारा और चढ़ा दिया। विपक्ष द्वारा सरकार पर लापरवाही का आरोप लगाए जाने पर सीएम ने कहा, “ऐसी घटनाएं कई जगह होती हैं, महाकुंभ में भी तो 50-60 लोग मर गए थे।”

उनके इस बयान को संवेदनहीन बताया जा रहा है। उन्होंने साथ ही कहा कि क्रिकेट एसोसिएशन ने इस कार्यक्रम की जानकारी सरकार को नहीं दी थी। सीएम ने बताया कि सरकार द्वारा विधानसभा के सामने एक कार्यक्रम आयोजित किया गया था जो शांतिपूर्ण रहा, जबकि स्टेडियम में जो आयोजन हुआ उसकी उन्हें जानकारी नहीं थी।

जांच और जिम्मेदारियों का टकराव

कर्नाटक सरकार ने हादसे की न्यायिक जांच के आदेश दे दिए हैं और 15 दिनों के भीतर रिपोर्ट मांगी गई है। सरकार ने मृतकों के परिजनों को 10 लाख रुपए की आर्थिक सहायता देने की भी घोषणा की है। लेकिन साथ ही सरकार ने हादसे की जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ते हुए पूरा ठीकरा क्रिकेट एसोसिएशन पर फोड़ा है।

सीएम सिद्धारमैया ने कहा, “भीड़ की संख्या अप्रत्याशित थी। स्टेडियम की क्षमता 35,000 है, लेकिन वहां 2 से 3 लाख लोग जमा हो गए थे। शहर की पूरी पुलिस फोर्स तैनात की गई थी, फिर भी भीड़ संभालना मुश्किल हो गया।”

विपक्ष का सरकार पर हमला

हादसे के बाद विपक्ष ने कांग्रेस सरकार को निशाने पर लिया है। आरोप लगे हैं कि जब स्टेडियम के बाहर लोग मारे जा रहे थे, तब सरकार के मंत्री खिलाड़ियों संग सेल्फी लेने में व्यस्त थे। विपक्ष ने सरकार की तैयारियों और आयोजकों की जवाबदेही पर सवाल उठाए हैं।

IPL चेयरमैन की सफाई

जब सरकार ने आयोजन की जिम्मेदारी स्टेडियम प्रबंधन पर डाली, तब IPL चेयरमैन अरुण धूमल ने सफाई देते हुए कहा कि भविष्य में इस तरह के आयोजनों के लिए बेहतर व्यवस्था की जाएगी।

अब सबसे बड़ा सवाल: जिम्मेदार कौन?

RCB की जीत पर आयोजित जश्न मौत का मंजर बन गया। ऐसे में बड़ा सवाल यह है कि इतनी बड़ी भीड़ को बिना ठोस व्यवस्था के कैसे इकट्ठा होने दिया गया? क्या सरकार, आयोजक और पुलिस-प्रशासन सबने अपनी जिम्मेदारी से मुंह मोड़ लिया? क्या राजनीतिक रैली और जीत के जश्न में इंसानों की जानों की कीमत गौण हो चुकी है?

जवाब शायद 15 दिन बाद जांच रिपोर्ट में मिले, लेकिन फिलहाल बेंगलुरु के अस्पतालों में पड़े घायलों और 11 मौतों ने इस जीत को हमेशा के लिए एक दर्दनाक याद में बदल दिया है।

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