मुख्यमंत्री साय जशपुर में नीलकंठेश्वर महादेव मंदिर प्राण-प्रतिष्ठा में हुए शामिल, सामुदायिक भवन निर्माण की घोषणा
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय बुधवार को जशपुर प्रवास के दौरान दुलदुला विकासखंड के ग्राम सिरीमकेला स्थित श्री नीलकंठेश्वर महादेव मंदिर में आयोजित प्राण-प्रतिष्ठा समारोह में शामिल हुए। महाशिवरात्रि के पूर्व आयोजित इस पावन अवसर पर मुख्यमंत्री ने विधिवत पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों के सुख, समृद्धि और कल्याण की कामना की। उन्होंने इस आयोजन को आस्था, संस्कृति और आध्यात्मिक चेतना का अद्वितीय संगम बताया।
मंदिर में पूजा-अर्चना कर लिया आशीर्वाद
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री साय ने श्रद्धापूर्वक नीलकंठेश्वर महादेव की पूजा की और आशीर्वाद प्राप्त किया। उन्होंने कहा कि भक्तों के बीच आकर उन्हें गहन आध्यात्मिक शांति और ऊर्जा की अनुभूति हो रही है। इस प्रकार के आयोजन समाज को संस्कारों से जोड़ने का कार्य करते हैं।
सिरीमकेला में सामुदायिक भवन निर्माण की घोषणा
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर ग्राम सिरीमकेला में सामुदायिक भवन निर्माण की घोषणा की। उन्होंने कहा कि इससे ग्रामीणों को सामाजिक, सांस्कृतिक और पारिवारिक आयोजनों के लिए बेहतर सुविधाएं मिलेंगी और गांव की सामुदायिक गतिविधियों को नई दिशा मिलेगी।
महाशिवरात्रि पर श्रद्धालुओं को शुभकामनाएं
मुख्यमंत्री साय ने प्रदेशवासियों को महाशिवरात्रि पर्व की अग्रिम शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह पर्व शिवभक्तों के लिए विशेष आध्यात्मिक महत्व रखता है। राज्य सरकार धार्मिक आस्था, आध्यात्मिक यात्राओं और सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण के लिए निरंतर कार्य कर रही है।
अयोध्या धाम दर्शन योजना का उल्लेख
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार अयोध्या धाम दर्शन योजना और मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना के माध्यम से हजारों श्रद्धालुओं को धार्मिक यात्राओं का लाभ दिला रही है। उन्होंने कहा कि अब तक 42 हजार से अधिक श्रद्धालुओं को अयोध्या धाम में श्रीरामलला के दर्शन कराए जा चुके हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि 500 वर्षों के लंबे इंतजार के बाद अयोध्या में भव्य राम मंदिर का निर्माण हर रामभक्त की आस्था का साकार रूप है, जो नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में संभव हो सका।
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छत्तीसगढ़ की धार्मिक पहचान पर प्रकाश
मुख्यमंत्री ने कहा कि जशपुर में स्थित मधेश्वर महादेव को एशिया का सबसे बड़ा प्राकृतिक शिवलिंग माना जाता है। वहीं भोरमदेव मंदिर में सावन माह के दौरान कांवड़ियों पर पुष्पवर्षा की परंपरा राज्य की समृद्ध सांस्कृतिक पहचान को दर्शाती है।
राजिम कुंभ कल्प और धार्मिक विरासत
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राजिम त्रिवेणी संगम में आयोजित राजिम कुंभ कल्प आस्था, संस्कृति और अध्यात्म का भव्य उत्सव है। उन्होंने श्रद्धालुओं से महाशिवरात्रि के अवसर पर भगवान कुलेश्वरनाथ महादेव के दर्शन करने का आग्रह किया। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार छत्तीसगढ़ के पांच शक्तिपीठों के संरक्षण और विकास के लिए योजनाबद्ध तरीके से कार्य कर रही है।
पौधारोपण कर दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश
कार्यक्रम के समापन पर मुख्यमंत्री ने मंदिर परिसर में पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि आध्यात्मिकता और प्रकृति संरक्षण एक-दूसरे के पूरक हैं। अंत में मुख्यमंत्री ने प्रार्थना की कि नीलकंठेश्वर महादेव की कृपा से प्रदेश में सुख, शांति, समृद्धि और विकास की नई धाराएं प्रवाहित हों।
