CM Sai On Naxal Encounter: “बसवराजू की मौत से नक्सलियों की कमर टूटी, अब अंतिम सांसें गिन रहा है नक्सलवाद”
CM Sai On Naxal Encounter
रायपुर। CM Sai On Naxal Encounter: छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले में सुरक्षाबलों को नक्सल विरोधी अभियान में बड़ी सफलता मिली है। 21 मई 2025 को हुए ऑपरेशन में जवानों ने 27 नक्सलियों को मार गिराया, जिनमें नक्सलियों का शीर्ष नेता और 5 करोड़ का इनामी महासचिव बसवराजू भी शामिल था। इस बड़ी कामयाबी के बाद मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि यह नक्सल विरोधी अभियान का ऐतिहासिक क्षण है और बसवराजू के मारे जाने से नक्सल आंदोलन को बहुत बड़ा झटका लगा है।
तीन दशक बाद मारा गया महासचिव स्तर का नक्सली
मुख्यमंत्री ने कहा, “पिछले 30 वर्षों में ऐसा पहली बार हुआ है जब किसी महासचिव स्तर के बड़े नक्सली नेता का खात्मा हुआ है। बसवराजू पर कुल 5 करोड़ रुपये का इनाम था – जिसमें 3 करोड़ की घोषणा केंद्र सरकार, 1 करोड़ राज्य सरकार और 1 करोड़ एनआईए ने की थी। यह सफलता नक्सलियों की रीढ़ तोड़ने जैसा है।”
उन्होंने यह भी कहा कि जब तक नक्सलवाद का पूरी तरह सफाया नहीं हो जाता, अभियान जारी रहेगा। “भाजपा सरकार के सत्ता में आने के बाद से अब तक 424 नक्सली मारे जा चुके हैं। मार्च 2026 तक बस्तर के कोने-कोने तक संविधान लागू करना और नक्सलवाद को जड़ से मिटाना हमारा लक्ष्य है,” सीएम ने कहा।
गृह मंत्री बोले – अबूझमाड़ में अब केवल 3200 वर्ग किमी क्षेत्र ही असुरक्षित
मुख्यमंत्री की प्रेस वार्ता से पहले डिप्टी सीएम और गृह मंत्री विजय शर्मा ने मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का “नक्सल मुक्त भारत” का संकल्प जल्द पूरा होगा। उन्होंने बताया कि वर्ष 2025 में अब तक नक्सलियों के समर्पण की संख्या सर्वाधिक रही है।
“अबूझमाड़, जो लगभग 5,000 वर्ग किमी में फैला है, उसमें अब सिर्फ 3,200 वर्ग किमी क्षेत्र ही सुरक्षा विहीन बचा है। 2023 से अब तक हमने 25 नए सुरक्षा कैंप स्थापित किए हैं,” उन्होंने बताया।
शहीद जवानों को दी श्रद्धांजलि
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस ऑपरेशन में दो जवानों की शहादत की पुष्टि की और उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा, “बस्तर में हमारी योजनाओं का असर दिख रहा है। वहां बदलाव की बयार बह रही है। यह संघर्ष आसान नहीं है, लेकिन हम पीछे नहीं हटेंगे।”
नक्सलियों से मुख्यधारा में लौटने की अपील
सीएम साय ने नक्सलियों से एक बार फिर मुख्यधारा से जुड़ने की अपील करते हुए कहा, “हम लगातार नक्सलियों को आत्मसमर्पण के लिए प्रेरित कर रहे हैं। बस्तर ओलंपिक और बस्तर पांडुम जैसे आयोजनों की सफलता इस बात का प्रमाण है कि बस्तर के लोग विकास चाहते हैं।”
उन्होंने यह भी कहा कि नक्सली अब बहुत छोटे भूभाग तक सिमट चुके हैं और उनका नेटवर्क लगातार कमजोर हो रहा है। “अब नक्सलवाद अंतिम सांसें ले रहा है,” उन्होंने कहा।
यह ऐतिहासिक सफलता छत्तीसगढ़ सरकार की नक्सल उन्मूलन रणनीति और सुरक्षाबलों के साहसिक प्रयासों का परिणाम है, जिससे बस्तर और राज्य के अन्य हिस्सों में स्थायी शांति और विकास की दिशा में उम्मीदें और मजबूत हुई हैं।
