CM Sai on Gariaband Communal Violence: गरियाबंद हिंसा पर सीएम विष्णुदेव साय का कड़ा रुख, कहा– दोषियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा

CM Sai in Bihar Election

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CM Sai on Gariaband Communal Violence: छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने गरियाबंद जिले में हुई सांप्रदायिक हिंसा को लेकर बड़ा बयान दिया है। अंबिकापुर दौरे के दौरान हाईटेक नवीन कार्यालय परिसर के भूमिपूजन कार्यक्रम के बाद मीडिया से बातचीत में सीएम साय ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार अपराध और भ्रष्टाचार के मामलों में जीरो टोलरेंस की नीति पर काम कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में जो भी कानून व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश करेगा, उसके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि गरियाबंद हिंसा के दोषियों की गहन जांच की जा रही है और किसी भी अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा। इस दौरान कांग्रेस द्वारा सरकार पर लगाए जा रहे आरोपों पर पलटवार करते हुए सीएम साय ने कहा कि कांग्रेस चुनाव हार-हार कर मुद्दाविहीन हो चुकी है और अब बेबुनियाद आरोप लगाकर जनता को गुमराह करने की कोशिश कर रही है। उन्होंने साफ कहा कि सरकार इन आरोपों से डरने वाली नहीं है।

धान खरीदी पर सीएम साय का जवाब

धान खरीदी बंद होने और कुछ किसानों द्वारा धान नहीं बेच पाने के सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में लगभग ढाई महीने तक धान की खरीदी की गई है। सरकार का प्रयास रहा कि सभी किसानों का धान खरीदा जाए, जिसके चलते करीब 140 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी संभव हो सकी। उन्होंने कहा कि सरकार धान खरीदी से जुड़े आंकड़ों की समीक्षा कर रही है और जरूरत पड़ने पर आगे उचित निर्णय लिया जाएगा।

राजिम के दुधकैयाँ गांव में तनावपूर्ण हालात

उधर, गरियाबंद जिले के राजिम क्षेत्र के दुधकैयाँ गांव में सांप्रदायिक तनाव के बाद हालात अब भी संवेदनशील बने हुए हैं। हिंसा के दौरान कुछ घरों और वाहनों में आगजनी की गई, जिससे इलाके में दहशत का माहौल बन गया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए आईजी और एसपी मौके पर पहुंचे और पूरे गांव में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।

मंदिर विवाद से जुड़ा मामला

जानकारी के अनुसार, अप्रैल 2025 में गांव के एक शिव मंदिर में तोड़फोड़ की घटना सामने आई थी। इस मामले में मुख्य आरोपी आरिफ की गिरफ्तारी हुई थी, जो उस समय नाबालिग था और बाद में जमानत पर रिहा हुआ। आरोप है कि रिहाई के बाद उसने अपने साथियों के साथ मिलकर मंदिर मामले के गवाहों और शिकायतकर्ताओं को डराना-धमकाना शुरू कर दिया।

रविवार को आरोपी ने अपने सहयोगियों के साथ मिलकर ग्रामीणों पर पत्थर, रॉड और धारदार हथियारों से हमला किया, जिसमें कई ग्रामीण घायल हो गए। पुलिस की कथित अनदेखी के बाद ग्रामीणों का आक्रोश भड़क उठा और हालात हिंसक हो गए। बाद में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए चार अलग-अलग एफआईआर दर्ज कर आरोपियों को गिरफ्तार किया। आगजनी में फंसे परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। हिंसा में पुलिसकर्मी, मीडिया कर्मी और ग्रामीण भी घायल हुए हैं।

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