मुख्यमंत्री ने किया सरगुजा ओलंपिक 2026 का आगाज: खिलाड़ियों को करोड़ों के इनाम, खेल ढांचे को मिलेगा नया विस्तार
सरगुजा ओलंपिक का उद्घाटन
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने शनिवार को सरगुजा ओलंपिक 2026 का उद्घाटन किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि मां महामाया की पवित्र भूमि पर इस आयोजन का होना पूरे सरगुजा अंचल के लिए गर्व की बात है। उन्होंने कहा कि बस्तर में ओलंपिक जैसे आयोजन हो रहे थे, ऐसे में सरगुजा क्षेत्र के लोगों की भी अपेक्षा थी कि यहां भी इसी तरह का बड़ा खेल आयोजन हो। इसी सोच के साथ सरकार ने सरगुजा ओलंपिक शुरू करने का फैसला लिया।
तीन दिन तक 12 खेल विधाओं में होगा आयोजन
मुख्यमंत्री ने बताया कि सरगुजा ओलंपिक 2026 का आयोजन तीन दिनों तक किया जाएगा, जिसमें 12 अलग-अलग खेल विधाओं की प्रतियोगिताएं होंगी। इस आयोजन का शुभंकर ‘गजरु’ रखा गया है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि आने वाले वर्षों में भी सरगुजा ओलंपिक का आयोजन लगातार किया जाएगा, ताकि क्षेत्र के खिलाड़ियों को नियमित मंच मिल सके।
खिलाड़ियों के लिए इनाम और खेल बजट पर सरकार का फोकस
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि राज्य सरकार खेलों को बढ़ावा देने के लिए गंभीरता से काम कर रही है और इसके लिए बजट में भी प्रावधान किया गया है। उन्होंने बताया कि जो खिलाड़ी ओलंपिक में भाग लेगा, उसे 21 लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। वहीं स्वर्ण पदक जीतने वाले खिलाड़ी को 3 करोड़ रुपये, रजत पदक पर 2 करोड़ रुपये और कांस्य पदक पर 1 करोड़ रुपये देने का प्रावधान किया गया है। इसके साथ ही पंडरापाठ में 20 करोड़ रुपये की लागत से आर्चरी अकादमी स्थापित की जाएगी।
छत्तीसगढ़ में प्रतिभाओं की कमी नहीं: सीएम
मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ में खेल प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है। उन्होंने धावक अमनेश कुजूर के प्रदर्शन का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने 100 मीटर दौड़ में 10.8 सेकंड और 200 मीटर दौड़ में 20.32 सेकंड का रिकॉर्ड बनाया है। उन्होंने इसे प्रदेश के युवाओं की क्षमता का उदाहरण बताया और कहा कि सरकार ऐसी प्रतिभाओं को आगे लाने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है।
खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स का भी होगा आयोजन
सीएम साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ के लिए यह गौरव की बात है कि खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स का आयोजन भी राज्य में होने जा रहा है। उन्होंने बताया कि इस राष्ट्रीय स्तर के आयोजन की कुछ प्रतियोगिताएं सरगुजा की धरती पर भी आयोजित की जाएंगी। इससे न केवल स्थानीय खिलाड़ियों को प्रेरणा मिलेगी, बल्कि सरगुजा की पहचान भी राष्ट्रीय स्तर पर मजबूत होगी।
बस्तर और नक्सलवाद पर भी बोले मुख्यमंत्री
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने बस्तर क्षेत्र का जिक्र करते हुए कहा कि वह प्राकृतिक दृष्टि से बेहद सुंदर इलाका है, लेकिन पिछले चार दशक से अधिक समय से नक्सलवाद की समस्या से प्रभावित रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार इस चुनौती से निपटने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि बस्तर ओलंपिक में आत्मसमर्पण कर चुके नक्सलियों की भागीदारी देखने को मिली, जो बदलाव और मुख्यधारा में वापसी का सकारात्मक संकेत है।
धर्मांतरण और परीक्षा गड़बड़ी पर सख्त संदेश
मुख्यमंत्री ने अपने भाषण में सरकार के हालिया फैसलों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि नवरात्रि के पहले दिन धर्म स्वतंत्रता विधेयक पारित किया गया है, जिसके बाद जबरन धर्म परिवर्तन कराने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही उन्होंने कहा कि परीक्षाओं में गड़बड़ी करने वालों के खिलाफ भी कड़े दंड का प्रावधान किया गया है। भर्ती प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाने की दिशा में भी सरकार काम कर रही है।
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