CJP Protest: दिल्ली में प्रदर्शनकारियों पर सख्ती, 3,000 हिरासत में; सोनम वांगचुक ने दिया 24 घंटे का अल्टीमेटम

सोनम वांगचुक

नई दिल्ली। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर दिल्ली में प्रस्तावित CJP के प्रदर्शन ने राजनीतिक माहौल गरमा दिया है। जंतर-मंतर पर जुटने की तैयारी कर रहे प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए पुलिस ने राजधानी में सुरक्षा घेरा मजबूत किया। अलग-अलग स्थानों पर की गई कार्रवाई के दौरान करीब 3,000 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिए जाने की जानकारी सामने आई है। इस बीच पर्यावरणविद् सोनम वांगचुक ने नेताओं की रिहाई को लेकर 24 घंटे का अल्टीमेटम देते हुए अनशन की चेतावनी दी है।

प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली में 25 हजार से अधिक सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की जानकारी दी गई। पुलिस की नाकेबंदी के कारण प्रदर्शनकारी एक जगह एकत्र नहीं हो सके और विरोध अलग-अलग समूहों में बंट गया। कार्रवाई के बीच मेट्रो और अन्य परिवहन सेवाओं पर लगी पाबंदियों ने आम लोगों की मुश्किलें भी बढ़ा दीं।

45 मेट्रो स्टेशन बंद, ट्रेनों और इंटरनेट पर भी असर

राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए दिल्ली मेट्रो के 45 स्टेशनों को अस्थायी रूप से बंद रखने का फैसला लिया गया। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, शुक्रवार रात 9 बजे से लागू बंदी शनिवार रात 10 बजे तक जारी रखने के निर्देश दिए गए थे।

इसके अलावा कुछ क्षेत्रों में मोबाइल इंटरनेट सेवाओं पर भी अस्थायी रोक लगाए जाने की जानकारी सामने आई। परिवहन सेवाओं में व्यवधान के कारण यात्रियों को अपनी यात्रा की योजना बदलनी पड़ी। सुरक्षा एजेंसियां हालात की समीक्षा करती रहीं और उसी के आधार पर प्रतिबंधों को लेकर फैसले लिए गए।

सोनम वांगचुक ने दी अनशन शुरू करने की चेतावनी

प्रदर्शन से जुड़े नेताओं की हिरासत पर सोनम वांगचुक ने नाराजगी जताई। उन्होंने मौजूदा हालात को ‘अघोषित आपातकाल’ बताते हुए कहा कि एक दिन पहले शांति और एकजुटता की अपील की गई थी, लेकिन आंदोलन से जुड़े नेताओं को हिरासत में ले लिया गया।

वांगचुक ने चेतावनी दी कि यदि अगले दिन तक हिरासत में लिए गए सभी नेताओं को रिहा नहीं किया गया, तो वह अनशन शुरू करेंगे। उनके इस बयान के बाद प्रदर्शनकारियों की रिहाई और प्रशासन की कार्रवाई को लेकर बहस तेज हो गई है।

रेखा गुप्ता का विपक्ष पर निशाना, CJP को बताया ‘B-Team’

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने प्रदर्शन को लेकर विपक्षी नेताओं राहुल गांधी और अरविंद केजरीवाल पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी नेता CJP के माध्यम से दिल्ली को राजनीतिक संघर्ष का केंद्र बनाने की कोशिश कर रहे हैं। रेखा गुप्ता ने CJP को विपक्ष की ‘B-Team’ भी बताया।

इस बयान के बाद प्रदर्शन को लेकर राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप और तेज हो गए हैं। एक ओर प्रदर्शन से जुड़े लोग चुनाव आयोग और SIR को लेकर सवाल उठा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर भाजपा की ओर से आंदोलन की राजनीतिक मंशा पर सवाल किए जा रहे हैं।

अहमदाबाद में भी CEC के इस्तीफे की मांग पर प्रदर्शन

दिल्ली के अलावा गुजरात के अहमदाबाद में भी विरोध प्रदर्शन हुआ। एलिसब्रिज इलाके में एमजी लाइब्रेरी के पास Gen Z युवाओं और महिलाओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे तथा SIR के मुद्दे पर प्रदर्शन किया।

मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया और प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिए जाने की जानकारी सामने आई। दिल्ली में हुई कार्रवाई के बीच दूसरे शहरों में भी विरोध की गतिविधियां सामने आने से यह मुद्दा राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में बना हुआ है।

अब रिहाई और आगे के आंदोलन पर नजर

CJP के प्रदर्शन के दौरान हिरासत, मेट्रो स्टेशनों की बंदी और नेताओं के बयानों ने राजनीतिक विवाद को नया मोड़ दिया है। सोनम वांगचुक की अनशन की चेतावनी के बाद अब सभी की नजर हिरासत में लिए गए नेताओं की रिहाई और आंदोलन की अगली रणनीति पर है। वहीं, सोमवार को प्रस्तावित INDIA गठबंधन के प्रदर्शन से राजनीतिक सरगर्मी और बढ़ने की संभावना है।

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