‘मुंबई पुलिस इतनी क्यूट है…चाय पिलाई और कहा चले जाइए’: दीपके का बड़ा बयान

CJP Protest

मुंबई के शिवाजी पार्क में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शन के दौरान पार्टी संस्थापक अभिजीत दीपके ने मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग दोहराई। यह प्रदर्शन CJP के उस अभियान का हिस्सा है, जिसमें संगठन ने चुनाव आयोग और मतदाता सूची में बदलाव को लेकर सवाल उठाए हैं।

शिवाजी पार्क में हुए प्रदर्शन को लेकर मुंबई पुलिस की अनुमति का मुद्दा भी पहले से चर्चा में था। पुलिस ने कार्यक्रम की अनुमति देने से इनकार किया था, जबकि दीपके ने इसके बावजूद आंदोलन जारी रखने और ‘जेल भरो आंदोलन’ की बात कही थी।

‘ज्ञानेश कुमार को इस्तीफा तो देना ही होगा’

प्रदर्शन के दौरान अभिजीत दीपके ने कहा कि ज्ञानेश कुमार को अपने पद से इस्तीफा देना होगा। उन्होंने मुंबई पुलिस का जिक्र करते हुए दावा किया कि पुलिस को उन्हें हिरासत में लेने का निर्देश मिला था, लेकिन ऐसा नहीं किया गया।

दीपके ने कहा कि पुलिसकर्मियों ने उनके साथ अलग तरह से व्यवहार किया और उन्हें चाय पिलाकर वापस जाने के लिए कहा। उन्होंने इस व्यवहार के लिए मुंबई पुलिस की तारीफ भी की।

दिल्ली पुलिस पर दीपके का निशाना

अपने भाषण में दीपके ने दिल्ली के डीसीपी सचिन शर्मा पर भी टिप्पणी की। उन्होंने आरोप लगाया कि दिल्ली में प्रदर्शन कर रहे उनके साथियों के साथ पुलिस ने सख्ती की और उन्हें सड़क पर घसीटा गया।

उन्होंने आगे कहा कि दिल्ली में लगाए गए बैरिकेड आने वाले दिनों में प्रदर्शनकारियों की संख्या के सामने कम पड़ सकते हैं। यह दीपके का दावा है और इसे स्वतंत्र रूप से स्थापित तथ्य के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए।

महाराष्ट्र में ‘हिंदू-मुस्लिम’ मुद्दे पर भी बयान

CJP संस्थापक ने महाराष्ट्र की राजनीति में हिंदू-मुस्लिम मुद्दे को लेकर भी अपनी बात रखी। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले 12 वर्षों में लोगों को धार्मिक मुद्दों में उलझाए रखा गया और इसी वजह से कथित तौर पर वोट से जुड़े मुद्दे चर्चा में नहीं आ सके।

दीपके ने यह भी दावा किया कि लोगों के वोट ‘चोरी’ किए गए, हालांकि यह उनका राजनीतिक आरोप है।

आशुतोष रांका ने मतदाता सूची को लेकर किया दावा

प्रदर्शन के मंच से CJP के सह-संयोजक आशुतोष रांका ने भी मतदाता सूची को लेकर गंभीर दावा किया। उन्होंने कहा कि पिछले दो वर्षों में देश की वोटर लिस्ट से 13 करोड़ लोगों के नाम हटाए गए और करीब 15 प्रतिशत मतदाताओं को सूची से बाहर किया गया।

रांका ने अपने बयान में भारत में सार्वभौमिक वयस्क मताधिकार के इतिहास का उल्लेख करते हुए कहा कि देश के नागरिकों को शुरुआत से ही वोट देने का अधिकार दिया गया था।

हालांकि, 13 करोड़ नाम हटाए जाने का आंकड़ा रांका का दावा है। उपलब्ध रिपोर्टों में CJP के आंदोलन की मुख्य मांगों में SIR और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दे शामिल बताए गए हैं, लेकिन इस दावे को यहां स्वतंत्र रूप से प्रमाणित आंकड़े के रूप में प्रस्तुत नहीं किया जा रहा है।

कई शहरों में प्रदर्शन की योजना

CJP ने मुंबई से शुरू हुए अभियान को आगे कई शहरों तक ले जाने की बात कही है। संगठन का कहना है कि वह ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर देशभर में प्रदर्शन करेगा। शिवाजी पार्क में हुए प्रदर्शन के दौरान CJP समर्थकों ने ‘ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दो’ के नारे भी लगाए।

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