’48 घंटे में इस्तीफा दें मुख्य चुनाव आयुक्त, नहीं तो होगा जंतर-मंतर 2.0′: दिल्ली में CJP ने दी देशव्यापी आंदोलन की चेतावनी

नई दिल्ली। दिल्ली स्थित एनएम सेंटर में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित कर चुनाव आयोग की निष्पक्षता और कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर तीखा हमला बोलते हुए उनसे 48 घंटे के भीतर पद से इस्तीफा देने की मांग की है। दीपके ने चेतावनी दी कि यदि निर्धारित समयसीमा के भीतर मुख्य चुनाव आयुक्त ने अपना पद नहीं छोड़ा, तो देश भर में उनके खिलाफ उग्र प्रदर्शन किए जाएंगे और ‘जंतर-मंतर 2.0’ जैसा बड़ा जनांदोलन शुरू होगा।

‘लोकतंत्र का ढांचा बदला गया’, वोटर लिस्ट से नाम हटाने के गंभीर आरोप

प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए अभिजीत दीपके ने आरोप लगाया कि देश के लोकतांत्रिक ढांचे को पूरी तरह विकृत कर दिया गया है। उन्होंने मतदाता सूचियों में बड़े पैमाने पर हेरफेर का दावा करते हुए कहा कि अकेले उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र जैसे बड़े राज्यों में 2 करोड़ से अधिक मतदाताओं के नाम सूची से हटा दिए गए हैं। इसके अलावा राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में भी लगभग 47 लाख मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट से काटे गए हैं। पार्टी ने इन आंकड़ों को बेहद चिंताजनक बताते हुए कहा कि यह सीधे तौर पर लोकतंत्र के अस्तित्व के लिए गंभीर खतरा है।

राजनीतिक लाभ पहुंचाने का आरोप, युवाओं से आगे आने की अपील

सीजेपी के संस्थापक ने सत्ताधारी दल पर भी कड़ा प्रहार किया और आरोप लगाया कि चुनावी तंत्र में बैठे शीर्ष अधिकारियों के प्रभाव और निर्णयों के चलते ही चुनावों के नतीजे प्रभावित हो रहे हैं। इस मौके पर सीजेपी के प्रवक्ता सौरव दास ने भी अपनी बात रखी और देश के युवाओं से लोकतांत्रिक संस्थाओं और चुनावी प्रक्रियाओं में सुधार के लिए आगे आने का आह्वान किया।

सरकार के समक्ष रखीं तीन प्रमुख मांगें

कॉकरोच जनता पार्टी ने इस पूरे मामले को लेकर सरकार और संबंधित संवैधानिक संस्थाओं के सामने अपनी तीन प्रमुख शर्तें रखी हैं। पहली मांग के तहत मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से तत्काल प्रभाव से इस्तीफे की मांग की गई है। दूसरी मांग में आगामी चुनावों को तुरंत रद्द करने और एसआईआर प्रक्रिया को पूरी तरह फ्रीज करने की बात कही गई है। वहीं तीसरी मांग के रूप में 2023 से पहले की चुनाव आयुक्त नियुक्ति नियमावली को पुनः बहाल करने की अपील की गई है। पार्टी का कहना है कि यदि इन मांगों पर जल्द संज्ञान नहीं लिया गया, तो आंदोलन को राष्ट्रीय स्तर पर ले जाया जाएगा।

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