‘जो गठबंधन को नहीं संभाल पा रहे, वे बिहार को क्या संभालेंगे?’ चिराग बोले-CM के स्वास्थ्य को लेकर भ्रम फैला रहा विपक्ष
पटना: बिहार विधानसभा चुनाव की सरगर्मियां तेज हो गई हैं। राजनीतिक दलों के वरिष्ठ नेताओं के बीच जुबानी हमले तेज हो चुके हैं। इसी कड़ी में लोजपा (रामविलास) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने विपक्षी महागठबंधन पर निशाना साधा है। उन्होंने एनडीए गठबंधन की एकजुटता पर जोर देते हुए विपक्ष को अस्थिर और भ्रमित बताया।
चिराग पासवान ने कहा कि एनडीए में उनके बारे में भ्रम फैलाने की कोशिशें हो रही हैं, लेकिन समय रहते सहयोगी दलों ने सीट शेयरिंग समेत सभी मुद्दों पर सहमति बना ली है। वहीं, विपक्षी इंडिया महागठबंधन में पहला चरण का नामांकन पूरा हो चुका है, लेकिन अभी तक सीटों की संख्या की घोषणा तक नहीं हुई। उन्होंने तंज कसते हुए कहा, “यह महागठबंधन में सिर फुटव्वल का स्पष्ट संकेत है। महागठबंधन के घटक दल एक-दूसरे के खिलाफ प्रत्याशी उतार रहे हैं; जो अपना गठबंधन नहीं संभाल पा रहे, वे बिहार को कैसे संभालेंगे?”
नीतीश के स्वास्थ्य पर विपक्ष का भ्रम, तेजस्वी के वादों पर तंज
चिराग पासवान ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के स्वास्थ्य को लेकर विपक्ष द्वारा फैलाए जा रहे भ्रम पर भी कटाक्ष किया। उन्होंने कहा, “विपक्ष नीतीश कुमार के स्वास्थ्य को लेकर अफवाहें फैला रहा था, लेकिन वे चुनावी सभाओं को संबोधित कर रहे हैं।” उन्होंने महागठबंधन को “कंफ्यूज गठबंधन” करार देते हुए कहा कि उन्हें यह भी नहीं पता कि कौन सी सीट से कौन प्रत्याशी उतरेगा। चिराग ने दावा किया कि एनडीए 14 नवंबर को भारी बहुमत के साथ सरकार गठन करेगा।
विपक्षी नेता तेजस्वी यादव के रोजगार देने के वादों पर चिराग ने व्यंग्य किया। उन्होंने कहा, “तेजस्वी सबको रोजगार देने की बात कर रहे हैं। पहले तो सबको टिकट ही दे दीजिए, उसके बाद नौकरी की बात कीजिए। जो टिकट वितरण में ही असफल हैं, वे बिहार की चिंता कैसे करेंगे?”
अमित शाह के बयान पर चिराग की सफाई: सामान्य प्रक्रिया ही है
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा नीतीश कुमार को फिर से मुख्यमंत्री चुनने की बात पर चिराग पासवान ने स्पष्ट किया कि यह कोई नई बात नहीं है। उन्होंने कहा, “अमित शाह ने सामान्य प्रक्रिया का ही जिक्र किया है। चुनाव जीतने वाले विधायक अपने नेता का चयन करते हैं। एनडीए के पांच दलों का गठबंधन है; जितने विधायक जीतकर आएंगे, वे स्वयं अपना नेता चुनेंगे। मुख्यमंत्री चयन की प्रक्रिया का सम्मान ही किया जाना चाहिए।”
