छत्तीसगढ़ में कड़ाके की ठंड और घना कोहरा जारी, तापमान में और गिरावट के आसार
रायपुर। छत्तीसगढ़ में शीतलहर और घने कोहरे का दौर जारी है। रायपुर के अमलेश्वर क्षेत्र में सुबह घना कोहरा छाया रहा, जिससे दृश्यता काफी कम हो गई और वाहन चालकों को लाइट जलाकर चलना पड़ा। इसी तरह रायगढ़ जिले के छाल क्षेत्र में भी सुबह घना कोहरा देखा गया। सरगुजा संभाग के कई इलाकों में कोहरे के कारण विजिबिलिटी मात्र 20 मीटर तक सिमट गई।
मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश के उत्तरी और मध्य क्षेत्रों में कड़ाके की ठंड बनी रहेगी। अगले दो दिनों तक तापमान में कोई बड़ा बदलाव नहीं होगा, लेकिन उसके बाद आने वाले तीन दिनों में न्यूनतम तापमान 1 से 3 डिग्री सेल्सियस तक और गिर सकता है। कई जिलों में शीतलहर चलने की भी संभावना जताई गई है।
ठंड का स्वास्थ्य पर असर*
ठंड बढ़ने से स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं भी बढ़ रही हैं। रायपुर के मेकाहारा अस्पताल में रोजाना औसतन 300 से 350 मरीज त्वचा संबंधी शिकायतों के साथ पहुंच रहे हैं। इनमें ड्राई स्किन, एक्जिमा और सोरायसिस के मामले ज्यादा हैं। डर्मेटोलॉजी विभाग के एचओडी डॉ. मृत्युंजय सिंह ने बताया कि ठंड के मौसम में ये बीमारियां आम हैं, लेकिन समय पर इलाज न कराने से स्थिति गंभीर हो सकती है।
तापमान का रिकॉर्ड
पिछले 24 घंटों में प्रदेश में सर्वाधिक अधिकतम तापमान 29.7 डिग्री सेल्सियस जगदलपुर में तथा सबसे कम न्यूनतम तापमान 6.5 डिग्री सेल्सियस अंबिकापुर में दर्ज किया गया। पेंड्रा क्षेत्र में भी कड़ाके की ठंड पड़ रही है, जहां लोग अलाव का सहारा ले रहे हैं।
रायपुर नगर निगम ने शुरू की अलाव की व्यवस्था
शीतलहर के बढ़ते असर को देखते हुए रायपुर नगर निगम ने शहरवासियों को राहत देने के लिए अलाव की व्यवस्था शुरू कर दी है। निगम ने 12 से अधिक स्थानों पर रातभर अलाव जलाने के निर्देश जारी किए हैं, ताकि बेघर, राहगीर और आम नागरिकों को ठंड से तत्काल राहत मिल सके।
महापौर मीनल चौबे और आयुक्त विश्वदीप के निर्देश पर सभी जोन कमिश्नरों और जोन हेल्थ अधिकारियों को रात में फील्ड में रहकर अलाव की निगरानी करने को कहा गया है। नागरिकों से अपील है कि ठंड से बचाव के लिए गर्म कपड़े पहनें और जरूरतमंदों की मदद करें।
