छत्तीसगढ़ में बनेगा ‘नागरिक रजिस्टर’, घुसपैठियों पर कसेगी नकेल, गांव-गांव में होगा रिकॉर्ड तैयार

रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार अब राज्य में आंतरिक सुरक्षा और स्थानीय हितों की रक्षा के लिए एक बड़ा प्रशासनिक कदम उठाने जा रही है। राज्य के गांव-गांव में ‘नागरिक रजिस्टर’ (Chhattisgarh Citizen Register) तैयार किया जाएगा, जिसके जरिए बाहर से आए लोगों की पहचान की जा सकेगी और घुसपैठ जैसी गतिविधियों पर अंकुश लगाया जा सकेगा। यह फैसला पंचायत स्तर पर लागू होगा और इसमें गांव के हर नागरिक की जानकारी दर्ज की जाएगी।

क्या है नागरिक रजिस्टर?

इस नागरिक रजिस्टर में गांव में पहले से रह रहे, बाहर जाकर लौटने वाले और नए आकर बसने वाले सभी लोगों की जानकारी फिजिकल रूप में दर्ज की जाएगी। इसका संचालन पंचायत स्तर पर किया जाएगा। इससे प्रशासन को यह पता लगाने में आसानी होगी कि कौन स्थानीय नागरिक है और कौन बाहरी व्यक्ति। यह सिस्टम राज्य में पहली बार लागू किया जा रहा है, और इसे आंतरिक सुरक्षा और सामाजिक नियंत्रण के लिहाज से एक अहम सुधार माना जा रहा है।

उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा का बयान

राज्य के उपमुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री विजय शर्मा ने कहा, “हम एक ऐसा रजिस्टर बनवा रहे हैं जिससे यह स्पष्ट होगा कि गांव में कौन पहले से रह रहा है और कौन नया आया है। इसका मकसद आंतरिक सुरक्षा को मजबूत करना और स्थानीय नागरिकों के अधिकारों की रक्षा करना है।”

उन्होंने बताया कि राज्य में लगातार ऐसी शिकायतें आ रही थीं कि बाहरी लोग गांवों में बसकर स्थानीय योजनाओं का लाभ ले रहे हैं, जो छत्तीसगढ़ के असली हितग्राहियों के साथ अन्याय है।

30 बांग्लादेशी निकाले जा चुके, 2000 पाकिस्तानी वीजा धारकों पर नजर

राज्य सरकार का यह कदम हाल के सुरक्षा घटनाक्रमों के संदर्भ में भी काफी अहम माना जा रहा है। हाल ही में छत्तीसगढ़ से 30 बांग्लादेशी नागरिकों को पहचान कर देश से बाहर भेजा गया है। इसके अलावा, लगभग 2,000 पाकिस्तानी वीजा धारकों पर भी नजर रखी जा रही है। देशभर में पहलगाम आतंकी हमले के बाद सीमाओं से हो रही घुसपैठ को लेकर चिंता बढ़ी है, ऐसे में राज्य सरकार के इस फैसले को सुरक्षा के लिहाज से बड़ा और जरूरी माना जा रहा है।

सरपंचों का मिला समर्थन

राज्य के कई सरपंचों ने इस फैसले का समर्थन किया है। कवर्धा जिले के नेवारी गांव के सरपंच सेवराम पात्रे ने कहा, “पहले बाहर से आने वालों को ट्रैक करने की कोई व्यवस्था नहीं थी। अब रजिस्टर बनने से यह साफ होगा कि कौन कहां से आया है और छत्तीसगढ़ के लोगों को जो योजनाओं का लाभ मिलना चाहिए, वह बाहरी लोग न ले पाएं।”

वहीं, जशपुर जिले के घुघरीकला गांव के सरपंच राजकुमार जांगड़े ने बताया, “हमारे गांव में कई बाहरी लोग बिना जानकारी बस जाते थे और वोटर आईडी, राशन कार्ड, यहां तक कि अटल आवास योजना के घर तक ले लेते थे। अब रजिस्टर बनने से इन पर लगाम लगेगी।”

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