गरियाबंद में क्यों भड़की हिंसा… अब कैसे हालात? गांव में चप्पे-चप्पे पर पुलिस
गरियाबंद। छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले के दुतकैंया गांव में रविवार (2 फरवरी 2026) को मूर्ति क्षतिग्रस्त करने के पुराने विवाद में दो पक्षों के बीच भीषण हिंसा भड़क उठी। जमानत पर छूटे तीन आरोपियों ने चुन-चुनकर गांव के युवकों पर हमला किया, जिसके बाद उग्र ग्रामीणों ने आरोपियों के घरों में आग लगा दी। स्थिति बिगड़ने पर पुलिस और ग्रामीणों के बीच कई घंटे तक पथराव, लाठीचार्ज और संघर्ष चला। फिलहाल गांव में कर्फ्यू जैसे हालात हैं और भारी पुलिस बल तैनात है।
क्यों भड़की हिंसा..
मामला अप्रैल 2024 में गांव के मंदिर में स्थापित शिवलिंग को क्षतिग्रस्त करने से जुड़ा है। इस मामले में मुख्य आरोपी आरिफ खान को जेल भेजा गया था, जो हाल ही में जमानत पर रिहा हुआ था। रिहाई के बाद से आरोपियों की गुंडागर्दी बढ़ गई थी। रविवार शाम तीनों आरोपियों (आरिफ, सलीम और इमरान) ने गांव के 5-6 युवकों पर हथियारों, लोहे की रॉड और पत्थरों से हमला कर दिया।
हमले के प्रमुख शिकार
अरविंद साहू (सब-स्टेशन में ड्यूटी पर थे) – सिर पर प्राणघातक हमला
नरेंद्र साहू (राजिम मेला जा रहे थे) – हाथ पर गंभीर चोट
रेखु यादव – भुजा पर वार, हड्डी फ्रैक्चर की आशंका
परमानंद साहू – मारपीट
तीनों आरोपियों ने करीब चार घंटे तक इन युवकों को पीटा। जब यह बात गांव में फैली, तो ग्रामीणों का गुस्सा भड़क उठा। सैकड़ों ग्रामीण आरोपियों के मोहल्ले पर पहुंचे और कई घरों में आग लगा दी।
पुलिस ने महिलाओं-परिवार को बचाया
भीड़ आरोपियों के परिवार को निशाना बनाने पर तुली थी। पुलिस ने मानव श्रृंखला बनाकर महिलाओं और परिवार को बचाने के लिए जी-जान लगा दी। कई घंटों तक लुका-छिपी और संघर्ष चला। उग्र भीड़ ने पुलिस पर पथराव किया और लाठियां बरसाईं। रायपुर आईजी और गरियाबंद एसपी ने खुद मोर्चा संभाला। सैकड़ों जवानों की तैनाती के बाद देर रात स्थिति नियंत्रण में आई।
गिरफ्तारी और घायल
पुलिस ने मुख्य आरोपी आरिफ, सलीम और इमरान को फिर से गिरफ्तार कर लिया है। झड़प में 6 पुलिसकर्मी और कई ग्रामीण घायल हुए हैं। सभी का उपचार जिला अस्पताल में चल रहा है। पुलिस पर पथराव करने वालों की पहचान की जा रही है।
राजिम कुंभ मेला पर असर
सांप्रदायिक हिंसा के कारण राजिम कुंभ मेला भी प्रभावित हुआ। मेला समय पर बंद हुआ, लेकिन श्रद्धालुओं की संख्या काफी कम रही। लोग डर के मारे मेला क्षेत्र में कम पहुंचे।
अब कैसे हालात?
2 फरवरी की सुबह से गांव पूरी तरह छावनी में तब्दील है। चप्पे-चप्पे पर पुलिस और सुरक्षा बल तैनात हैं। घरों की छतों पर भी जवान मौजूद हैं। बाहरी लोगों की आवाजाही पर रोक लगा दी गई है। इलाके में तनावपूर्ण शांति है। प्रशासन ने दोनों पक्षों से शांति बनाए रखने की अपील की है।
पुलिस ने दोनों पक्षों के खिलाफ उचित धाराओं में कार्रवाई शुरू कर दी है। जांच जारी है। यह घटना 2024 के मूर्ति क्षति मामले के बाद से चले आ रहे तनाव का नतीजा मानी जा रही है।
