छत्तीसगढ़ में अपराध बेलगाम! चाकूबाजी की चार वारदातें, सिस्टम पर उठे सवाल….
रायपुर। छत्तीसगढ़ में बदमाशों के हौसले इतने बुलंद हो चुके हैं कि अब बेखौफ होकर एक ही दिन में तीन जिलों से चाकूबाजी की 4 वारदातें सामने आईं। मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर, दुर्ग और बिलासपुर में हुए हमलों ने यह साफ कर दिया है कि राज्य की कानून-व्यवस्था चरमरा चुकी है और पुलिस-प्रशासन केवल कागजी कार्रवाई में उलझा हुआ है।
मनेन्द्रगढ़: स्टेशन रोड पर युवक की हत्या
मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले के स्टेशन रोड क्षेत्र में चाकूबाजी की वारदात में युवक की मौत हो गई। आरोपियों ने युवक पर ताबड़तोड़ चाकू से हमला किया। गंभीर रूप से घायल युवक को इलाज के लिए ले जाया गया, लेकिन उसकी मौत हो गई। घटना के बाद सभी आरोपी मौके से फरार हो गए। पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है।
दुर्ग: गणेश पंडाल और घर में घुसकर हमला
दुर्ग जिले में दो चाकूबाजी की घटनाएं हुईं।
पहली घटना भिलाई सेक्टर-2 में गणेश पंडाल के पास हुई। यहां 10 से 12 बदमाशों ने रायपुर निवासी गुड्डू सिंह पर मारपीट के बाद चाकू से हमला कर दिया। गंभीर रूप से घायल गुड्डू को पंडित जवाहरलाल नेहरू अस्पताल लाया गया, जहां एक और लापरवाही सामने आई। ड्रेसिंग करने वाला स्टाफ नशे में धुत होकर सोता मिला और घायल को ही धमकी देने लगा। फिलहाल मामले की शिकायत अस्पताल प्रबंधन से की गई है।
दूसरी घटना जामुल के शिवपुरी क्षेत्र में हुई। यहां बदमाश घर में घुस गए और पहले बेटे पर हमला करने की कोशिश की। बचाव में आए पिता ईश्वर दत्त मिश्रा पर चाकू से वार किया गया। उन्हें गंभीर चोट आई है और अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
बिलासपुर: नशे के लिए पैसे नहीं देने पर हमला
न्यायधानी बिलासपुर में भी चाकूबाजी की घटना हुई। आरोपी सागर डहरे उर्फ रेनी ने नशे के लिए पैसे मांगने पर इनकार करने से नाराज होकर एक युवक पर चाकू से हमला कर दिया। घायल युवक को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार तो कर लिया है, लेकिन यह सवाल जस का तस है कि आखिर अपराधियों के हौसले इतने बुलंद क्यों हैं।
इन घटनाओं ने साफ कर दिया है कि प्रदेश में पुलिस का खौफ खत्म हो चुका है और सरकार अपराध रोकने में नाकाम साबित हो रही है। लगातार बढ़ती चाकूबाजी की वारदातें जनता की सुरक्षा पर बड़ा प्रश्नचिह्न हैं।
