छत्तीसगढ़ में NHM कर्मचारियों का सातवें दिन भी प्रदर्शन जारी: ताली और थाली बजाकर सरकार को याद दिलाए वादे

रायपुर। छत्तीसगढ़ में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के तहत कार्यरत 16,000 संविदा कर्मचारियों का आंदोलन सातवें दिन भी जारी है। नियमितीकरण, वेतन वृद्धि, ग्रेड पे, मेडिकल बीमा और अनुकंपा नियुक्ति जैसी दस सूत्रीय मांगों को लेकर चल रहे इस प्रदर्शन ने अब राज्यव्यापी रूप ले लिया है। बुधवार को सभी 33 जिला मुख्यालयों में कर्मचारियों ने ताली-थाली बजाकर सरकार को कोरोना काल के वादे याद दिलाए और मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा।

“कोरोना योद्धाओं का अपमान”

NHM कर्मचारियों ने सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुए कहा कि महामारी के दौरान उन्हें “कोरोना वॉरियर्स” कहकर सम्मानित किया गया, लेकिन आज उनकी मूलभूत मांगें भी अनसुनी कर दी जा रही हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द समाधान नहीं निकाला गया, तो राज्यभर में स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित होंगी।

20 साल से लंबित मांगें

NHM एम्प्लॉयीज एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अमित मिरी ने बताया कि पिछले 20 वर्षों से कर्मचारी नियमितीकरण, समान कार्य के लिए समान वेतन और बेहतर सेवा शर्तों की मांग कर रहे हैं। अब तक 100 से अधिक ज्ञापन विभिन्न अधिकारियों को सौंपे जा चुके हैं, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।

आंदोलन का रोडमैप

  • 10 जुलाई: सभी विधायकों को ज्ञापन सौंपा गया

  • 11 जुलाई: भाजपा जिला अध्यक्षों को मांगपत्र दिया

  • 12-15 जुलाई: काली पट्टी पहनकर काम किया

  • 16 जुलाई: जिला स्तर पर धरना-प्रदर्शन

  • 17 जुलाई: ताली-थाली रैली और कलेक्टरों को ज्ञापन

  • 18 जुलाई: रायपुर में विधानसभा घेराव

प्रमुख मांगें

  1. संविदा कर्मचारियों का नियमितीकरण

  2. समान कार्य के लिए समान वेतन

  3. ग्रेड पे और 27% वेतन वृद्धि

  4. मुफ्त मेडिकल बीमा योजना

  5. अनुकंपा नियुक्ति का प्रावधान

  6. सेवा सुरक्षा व सामाजिक सुरक्षा लाभ

  7. पदोन्नति नीति लागू करना

  8. भविष्य निधि योजना में शामिल करना

अगला कदम: विधानसभा घेराव

18 जुलाई को सैकड़ों NHM कर्मचारी राजधानी रायपुर में विधानसभा का घेराव करेंगे। संघ ने सरकार से तत्काल वार्ता कर समाधान निकालने की अपील की है, वरना आंदोलन और तेज होगा।

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