Chhattisgarh–MP Naxal Surrender News: सीसी मेंबर रामदेर सहित 12 नक्सलियों ने किया आत्मसमर्पण, बालाघाट में भी 10 माओवादी हथियार डालकर मुख्यधारा में लौटे
Chhattisgarh–MP Naxal Surrender News: छत्तीसगढ़ पुलिस और सरकार के नक्सल-विरोधी अभियान को बड़ी उपलब्धि मिली है। एमएमसी ज़ोन (मध्य प्रदेश–महाराष्ट्र–छत्तीसगढ़) में सक्रिय माओवादी केंद्रीय समिति सदस्य और मोस्ट वांटेड नक्सली रामदेर ने 12 अन्य नक्सलियों के साथ आत्मसमर्पण कर दिया। हाल ही में रामदेर को सीसी मेंबर (Central Committee Member) के रूप में प्रमोशन मिला था, जो उत्तर बस्तर के लिए पहली बार था।
जानकारी के अनुसार सभी नक्सली अपने हथियारों के साथ बरकट्टा थाने पहुंचे और पुलिस अधिकारियों के सामने सरेंडर करते हुए मुख्यधारा में लौटने की इच्छा जताई। पुलिस की पुनर्वास नीति के तहत इन्हें राहत राशि, सुरक्षा और रोजगार प्रदान किया जाएगा।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक कई नक्सली लंबे समय से रामदेर को सरेंडर करने के लिए तैयार कर रहे थे, जबकि पुलिस ने भी सुरक्षा का भरोसा दिया था। रामदेर पहले DKSZC सदस्य के रूप में काम कर रहा था और इलाके का सबसे सक्रिय माओवादी माना जाता था।
मध्य प्रदेश में भी बड़ी कामयाबी—बालाघाट में 10 कट्टर माओवादी आत्मसमर्पण
बालाघाट। मध्य प्रदेश के नक्सल प्रभावित बालाघाट जिले में भी अभियान को बड़ी सफलता मिली है। चार महिलाओं समेत दस माओवादी कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के सामने रविवार को आत्मसमर्पण किया। यह समूह भाकपा (माओवादी) एमएमसी विशेष क्षेत्र से जुड़ा था और इन पर कुल 2.36 करोड़ रुपये का इनाम घोषित था।
समर्पण के दौरान नक्सलियों ने दो AK-47 और दो INSAS राइफलें पुलिस को सौंप दीं। मुख्यमंत्री ने इसे “नक्सल-विरोधी अभियान का ऐतिहासिक दिन” बताया और कहा कि इससे बालाघाट जिला बड़े पैमाने पर नक्सली गतिविधियों से मुक्त हो जाएगा।
आत्मसमर्पण करने वाले प्रमुख नक्सली
एमएमसी ज़ोन के कान्हा-भोरादेव (KB) डिवीजन के ये नक्सली बालाघाट, मंडला (मध्य प्रदेश) और कबीरधाम (छत्तीसगढ़) में सक्रिय थे। इनमें प्रमुख नाम शामिल हैं:
सुरेंद्र उर्फ कबीर सोडी – एमएमसी ज़ोन सचिव
राकेश ओडी उर्फ मनीष – SCZM सदस्य
लालसिंह मरावी – एरिया कमेटी सदस्य
सलिता उर्फ सावित्री
नवीन नुप्पो उर्फ हिडमा
जयशीला उर्फ ललिता ओयम
विक्रम उर्फ हिडमा वट्टी
ज़रीना उर्फ जोगी मुसक
समर उर्फ सोमारू
इनकी उम्र 26 से 50 वर्ष के बीच है और ये छत्तीसगढ़ व महाराष्ट्र के निवासी हैं। इनमें से कई पर ग्रामीणों की हत्या के आरोप भी हैं।
कान्हा टाइगर रिज़र्व का उत्तरी हिस्सा अब नक्सल-मुक्त
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि इन 10 नक्सलियों के सरेंडर के साथ एमएमसी ज़ोन का उत्तरी हिस्सा (कान्हा नेशनल पार्क के आसपास का क्षेत्र) अब नक्सली गतिविधियों से पूरी तरह मुक्त माना जा सकता है।
इससे सुरक्षा बल अब दक्षिणी एमएमसी ज़ोन (गोंदिया–राजनांदगांव–बालाघाट GRP डिवीजन) पर अधिक ध्यान केंद्रित कर सकेंगे, जहां अभी भी लगभग 18 सशस्त्र नक्सली, जिनमें रामदेर का 14 सदस्यीय समूह शामिल है, सक्रिय हैं।
पिछले महीनों में तेज हुई कार्रवाई
यह सरेंडर मध्य प्रदेश–छत्तीसगढ़ सीमा पर पुलिस और रामदेर समूह की मुठभेड़ के एक दिन बाद हुआ है। इसके अलावा पिछले 36 दिनों में महिला नक्सली सुनीता भी MP की “विशेष आत्मसमर्पण-सह-पुनर्वास नीति 2023” के तहत सरेंडर करने वाली पहली कैडर बनीं।
2025 में MP पुलिस ने 1.86 करोड़ के इनामी 10 नक्सलियों को मार गिराया, जो अब तक का सबसे सफल ऑपरेशन माना जा रहा है।
MP का सबसे बड़ा नक्सली आत्मसमर्पण अभियान
बालाघाट में हुआ यह सामूहिक आत्मसमर्पण मध्य प्रदेश में सशस्त्र नक्सलियों द्वारा किया गया अब तक का सबसे बड़ा आत्मसमर्पण है। इससे न केवल कान्हा और बांधवगढ़ टाइगर रिज़र्व के सुरक्षा क्षेत्र मजबूत होंगे बल्कि राज्य में वामपंथी उग्रवाद पर निर्णायक प्रहार भी माना जा रहा है।
