Chhattisgarh Liquor Scam: कांग्रेस को ACB का नोटिस, अकाउंटेंट देवेंद्र डड़सेना से जुड़ी जानकारी मांगी
Chhattisgarh Liquor Scam
Chhattisgarh Liquor Scam: छत्तीसगढ़ में करोड़ों के बहुचर्चित शराब घोटाले की जांच तेज़ हो गई है। एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने बड़ा कदम उठाते हुए प्रदेश कांग्रेस कमेटी (PCC) को नोटिस जारी किया है। इस नोटिस में कांग्रेस दफ्तर में कार्यरत अकाउंटेंट देवेंद्र डड़सेना से जुड़ी विस्तृत जानकारी मांगी गई है।
ACB ने पत्र में पूछा है कि देवेंद्र डड़सेना किस पद पर कार्यरत थे, उनकी नियुक्ति की अवधि क्या थी, उनके कार्य व जिम्मेदारियां क्या थीं और उन्हें कितना वेतनमान दिया जा रहा था। बता दें कि देवेंद्र डड़सेना इस समय शराब घोटाला मामले में जेल में हैं और उन्हें PCC कोषाध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल का करीबी माना जाता है।

रामगोपाल अग्रवाल कौन हैं
रामगोपाल अग्रवाल पिछले करीब दस साल से छत्तीसगढ़ कांग्रेस के कोषाध्यक्ष पद पर बने हुए हैं। जब भूपेश बघेल प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष थे, तब भी अग्रवाल इस पद पर थे। वर्ष 2018 में जब कांग्रेस सरकार बनी और भूपेश बघेल मुख्यमंत्री बने, तो उनकी ताकत और बढ़ गई। कोषाध्यक्ष रहते हुए ही उन्हें नागरिक आपूर्ति निगम का अध्यक्ष भी बनाया गया। ईडी (ED) की कार्रवाई से बचने के लिए वे पिछले तीन साल से सार्वजनिक तौर पर नज़र नहीं आ रहे हैं।
शराब घोटाले का पूरा मामला
छत्तीसगढ़ के इस शराब घोटाले की जांच ईडी और एसीबी कर रही हैं। ईडी ने एसीबी में जो एफआईआर दर्ज कराई है, उसमें 3200 करोड़ रुपए से ज्यादा के घोटाले का ज़िक्र है। आरोप है कि यह घोटाला भूपेश बघेल सरकार के कार्यकाल में हुआ। ईडी की जांच के मुताबिक, इस गड़बड़ी को अंजाम देने में IAS अधिकारी अनिल टुटेजा, आबकारी विभाग के एमडी ए.पी. त्रिपाठी, और कारोबारी अनवर ढेबर के सिंडिकेट का हाथ था।
