Chhattisgarh Dhan Kharidi 2025: प्रदेश में 50 करोड़ का अवैध धान जब्त, महासमुंद बना सबसे बड़ा हॉटस्पॉट

Chhattisgarh Dhan Kharidi 2025: छत्तीसगढ़ में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी शुरू होने से पहले ही अवैध धान की आवक और भंडारण पर सख्त निगरानी रखी जा रही है। 1 नवंबर से 6 दिसंबर 2025 तक पूरे प्रदेश से 1,51,809 क्विंटल अवैध धान जब्त किया गया है, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 50 करोड़ रुपये बताई जा रही है।

अवैध धान की रोकथाम के लिए सीमावर्ती जिलों में चेकपोस्ट, कलेक्टरों की अध्यक्षता में टास्क फोर्स, और मार्कफेड के इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर के माध्यम से लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है।

महासमुंद बना अवैध धान का सबसे बड़ा केंद्र

मार्कफेड के आंकड़ों के अनुसार, सबसे ज्यादा अवैध धान महासमुंद से जब्त किया गया है। यहां अकेले 25,718 क्विंटल धान पकड़ा गया।

अन्य जिलों में जब्ती इस प्रकार है:

धमतरी – 23,859 क्विंटल

रायगढ़ – 21,331 क्विंटल

राजनांदगांव – 14,977 क्विंटल

बलरामपुर – 9,771 क्विंटल

बेमेतरा – 6,490 क्विंटल

कवर्धा – 5,734 क्विंटल

बालोद – 4,595 क्विंटल

सारंगढ़–बिलाईगढ़ – 3,770 क्विंटल

गौरेला–पेंड्रा–मरवाही – 2,868 क्विंटल

जशपुर – 2,771 क्विंटल

सूरजपुर – 2,650 क्विंटल

दुर्ग – 2,350 क्विंटल

जांजगीर–चांपा – 2,014 क्विंटल

बलौदाबाजार – 1,855 क्विंटल

बीजापुर – 1,842 क्विंटल

रायपुर – 1,679 क्विंटल

खैरागढ़–छुईखदान–गंडई – 1,583 क्विंटल

मनेन्द्रगढ़–चिरमिरी–भरतपुर – 1,500 क्विंटल

बस्तर – 1,560 क्विंटल

मोहला–मानपुर–चौकी – 1,402 क्विंटल

गरियाबंद – 1,393 क्विंटल

कोरबा – 1,346 क्विंटल

सरगुजा – 1,282 क्विंटल

कोरिया – 1,237 क्विंटल

सक्ती – 1,201 क्विंटल

कोंडागांव – 1,148 क्विंटल

बिलासपुर – 1,060 क्विंटल

कांकेर – 1,012 क्विंटल

मुंगेली – 917 क्विंटल

दंतेवाड़ा – 445 क्विंटल

नारायणपुर – 323 क्विंटल

सुकमा – 216 क्विंटल

रेड अलर्ट सिस्टम और कड़ी निगरानी से कम हुई अवैध आवक

सीमावर्ती जिलों में निगरानी बढ़ाने, चेकपोस्ट सक्रिय करने और रियल-टाइम अलर्ट सिस्टम लागू करने से अन्य राज्यों से आने वाला अवैध धान काफी हद तक रोका जा सका है।

सरकार ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि- धान खरीदी में किसी भी तरह की अनियमितता पर जीरो टॉलरेंस अपनाया जाएगा।

मार्कफेड ने बताया कि धान खरीदी को पूरी तरह पारदर्शी बनाने के लिए कंट्रोल सेंटर से प्रतिदिन निगरानी की जा रही है। पुलिस और जिला प्रशासन लगातार अवैध परिवहन पर नज़र बनाए हुए है।

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