Chhattisgarh Dhan Kharidi: धान खरीदी केंद्रों में सन्नाटा, हड़ताल से ठप तैयारी, मंत्री नेताम बोले—बिचौलियों से नहीं खरीदेंगे धान
जांजगीर-चाम्पा। Chhattisgarh Dhan Kharidi: जिले में इस साल धान खरीदी को लेकर स्थिति गंभीर होती जा रही है। धान खरीदी केंद्रों में तैयारियां लगभग ठप पड़ी हैं और ज्यादातर केंद्रों में सन्नाटा पसरा हुआ है।
129 केंद्रों में अभी तक बारदाना नहीं पहुंचा है, जिसके चलते 15 नवंबर से खरीदी शुरू होने की संभावना बेहद कम दिखाई दे रही है।
सहकारी बैंक कर्मचारी और कंप्यूटर ऑपरेटर हड़ताल पर
धान खरीदी केंद्रों से जुड़े सहकारी बैंक प्रबंधक, खरीदी प्रभारी और कंप्यूटर ऑपरेटर इन दिनों अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं।
इन कर्मचारियों की हड़ताल से खरीदी की शुरुआती तैयारियां पूरी तरह से प्रभावित हुई हैं।
किसानों ने बताया कि जिले में नहर व्यवस्था के कारण धान की फसल देर से तैयार होती है, ऐसे में अगले 10 दिन बाद ही केंद्रों में धान आना शुरू होगा।
कांग्रेस विधायक ब्यास कश्यप ने सरकार पर किसान हितों की अनदेखी का आरोप लगाते हुए कहा कि, “राज्य सरकार किसानों की परेशानियों के प्रति गंभीर नहीं है, जबकि खरीदी की तारीख नजदीक आ चुकी है।”
मंत्री रामविचार नेताम का पलटवार — तय समय पर होगी खरीदी
इस मामले पर कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के आरोपों पर पलटवार किया है।
उन्होंने कहा कि, “प्रदेश में धान खरीदी तय समय पर 15 नवंबर से शुरू होगी। किसानों को चिंता करने की कोई जरूरत नहीं है। सरकार ने सभी केंद्रों पर वैकल्पिक व्यवस्था की है। किसानों का रजिस्ट्रेशन और टोकन वितरण भी समय पर होगा।”
मंत्री नेताम ने यह भी साफ किया कि, “सरकार केवल किसानों से ही धान खरीदेगी, किसी भी बिचौलिए या कोच्चिए से नहीं।”
उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि, “कांग्रेस पार्टी हमेशा से कोच्चियों और दलालों के सहारे चलती आई है — चाहे मामला शराब का हो या जमीन का।”
हड़ताल पर सख्त रुख, वैकल्पिक व्यवस्था की तैयारी
मंत्री नेताम ने कहा कि उन्होंने और विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने हड़ताली कर्मचारियों से बातचीत की, लेकिन वे काम पर लौटने को तैयार नहीं हैं। ऐसे में किसानों के हित में सरकार जो निर्णय जरूरी समझेगी, वह लेगी। सरकार अब खरीदी केंद्रों पर वैकल्पिक कर्मचारियों की तैनाती पर विचार कर रही है।
कांग्रेस ने हड़ताली कर्मचारियों को दिया समर्थन
दूसरी ओर, धान खरीदी से ठीक पहले पूरे प्रदेश में सहकारी समिति कर्मचारी संघ और कंप्यूटर ऑपरेटर संघ अपनी चार सूत्रीय मांगों को लेकर हड़ताल पर हैं।
आज हड़ताल का 11वां दिन है और स्थिति गंभीर होती जा रही है। बिलासपुर में कांग्रेस विधायक अटल श्रीवास्तव और पूर्व जिला सहकारी बैंक अध्यक्ष प्रमोद नायक ने हड़ताली कर्मचारियों को समर्थन दिया। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि ये कर्मचारी अपनी “जायज़ मांगों” को लेकर धरने पर हैं और अगर सरकार ने जल्द ही उनकी मांगें नहीं मानीं, तो कांग्रेस इनके साथ मिलकर उग्र आंदोलन करेगी।
धान खरीदी पर संकट के बादल
प्रदेशभर में करीब 15 हजार कर्मचारी हड़ताल पर हैं और सभी संभागों में धरना-प्रदर्शन जारी है।
इस हड़ताल से यह आशंका गहराती जा रही है कि 15 नवंबर से शुरू होने वाली धान खरीदी योजना प्रभावित हो सकती है।
अगर समय पर बारदाना नहीं पहुंचा और कर्मचारी ड्यूटी पर नहीं लौटे, तो किसानों को धान बेचने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है।
