चैतू दादा और अनंत के सरेंडर पर बोले डिप्टी सीएम शर्मा- “नक्सलवाद खात्मे की कगार पर, बचे 20 प्रतिशत भी…”
रायपुर। बस्तर क्षेत्र में नक्सलवाद को लगातार झटके लग रहे हैं। शुक्रवार को दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी (DKSZC) के वरिष्ठ नक्सली चैतू उर्फ श्याम दादा (63 वर्ष) ने सुकमा में सुरक्षाबलों के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया। चैतू पर 25 लाख रुपये का इनाम था और वह 2013 के झीरम घाटी हमले का मास्टरमाइंड माना जाता है, जिसमें 29 कांग्रेस नेता-कार्यकर्ता शहीद हुए थे। उसी दिन महाराष्ट्र के गोंदिया में महाराष्ट्र-मध्य प्रदेश-छत्तीसगढ़ (MMC) स्पेशल जोनल कमेटी के प्रमुख प्रचारक अनंत उर्फ विकास नागपुरे (48 वर्ष) ने भी 15 साथियों के साथ हथियार डाल दिए। अनंत पर 10 लाख रुपये का इनाम घोषित था।
प्रदेश के डिप्टी सीएम व गृह मंत्री विजय शर्मा ने इसे प्रशासन की बड़ी उपलब्धि बताते हुए कहा कि बस्तर समेत पूरे देश में नक्सलवाद खत्म होने की कगार पर है। उन्होंने चैतू और अनंत के साथ उनके सहयोगियों के पुनर्वास पर जोर दिया।
डिप्टी सीएम शर्मा का बयान: नक्सलवाद के अंत की ओर
विजय शर्मा ने कहा, “चैतू और अनंत ने अपने साथियों के साथ आत्मसमर्पण किया है। बस्तर में शांति आनी चाहिए और आ भी रही है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने पदभार संभालते ही संकल्प लिया था कि देश की किसी समस्या को समानता के साथ समाप्त किया जाएगा। नक्सलवाद को भी इसी संकल्प से जड़ से उखाड़ा जा रहा है। अब तक 80 प्रतिशत नक्सलवाद समाप्त हो चुका है, बाकी 20 प्रतिशत निर्धारित समय में खत्म हो जाएगा।”
शर्मा ने बस्तर 2.0 पहल का जिक्र करते हुए कहा, “बस्तर में जल, जंगल, जमीन सब बस्तर के लोगों का है। बस्तर के युवा ही इसे संभालेंगे और वे इसके लिए उत्साहित भी हैं।” जीडीपी वृद्धि पर उन्होंने कहा, “अमेरिका के टैरिफ के बावजूद जीडीपी में बढ़ोतरी सुखद है। यह देशवासियों के परिश्रम का नतीजा है।”
कांग्रेस पर तंज: व्यक्ति vs संस्था
कांग्रेस के जिला अध्यक्षों की नियुक्ति पर शर्मा ने तंज कसा, “कांग्रेस-भाजपा की परंपराओं में फर्क है। कांग्रेस में व्यक्ति प्रमुख होता है, जबकि भाजपा में संस्था और संगठन। इसलिए कांग्रेस में ऐसी स्थितियां पैदा होती हैं।”
जमीन गाइडलाइन दरों पर कांग्रेस के विरोध पर उन्होंने कहा, “अगर आमजन को तकलीफ है तो सुनवाई होगी। लेकिन किसी व्यक्ति विशेष के लिए कांग्रेस आगे आ रही है, तो उसके लिए कुछ नहीं हो सकता।”
दिल्ली प्रदूषण पर राहुल गांधी के बयान पर कटाक्ष
दिल्ली के वायु प्रदूषण पर राहुल गांधी के बयान पर शर्मा ने कहा, “राहुल गांधी को कांग्रेस के चश्मे या इटली के चश्मे से नहीं, बल्कि भारत के चश्मे से देखना होगा। तब वास्तविक स्थिति समझ आएगी।”
सरेंडर के पीछे सुरक्षाबलों की सख्ती और विकास
पुलिस के अनुसार, चैतू ने 9 नक्सलियों के साथ सरेंडर किया, जिन पर कुल 65 लाख का इनाम था। अनंत के साथ 15 कैडरों का सरेंडर MMC जोन को कमजोर करने वाला माना जा रहा है। सुकमा एसपी किरण चव्हाण ने इसे “माओवाद के तेजी से पतन” का प्रमाण बताया। डीआरजी, बस्तर फाइटर्स और सीआरपीएफ की कार्रवाइयों, साथ ही नियाद नेल्लानार योजना जैसे विकास कार्यों ने नक्सलियों को मुख्यधारा में लौटने को मजबूर किया।
सीएम विष्णु देव साय ने इसे “2026 तक नक्सल-मुक्त भारत” की दिशा में ऐतिहासिक कदम बताया। सरेंडर करने वालों को राज्य की 2025 सरेंडर नीति के तहत 2.5 लाख रुपये नकद, आवास और कौशल प्रशिक्षण दिया जाएगा।
यह घटना नक्सलवाद के खिलाफ अभियान की सफलता का प्रतीक है। हाल ही में मई में सीपीआई (माओइस्ट) के महासचिव बसवराजू समेत कई बड़े नक्सली ढेर हो चुके हैं।
