बिजली दर वृद्धि पर कांग्रेस का मोर्चा, प्रदेशभर में होगा आंदोलन – दीपक बैज का भाजपा सरकार पर बड़ा हमला
रायपुर। छत्तीसगढ़ में बिजली दरों में बढ़ोतरी को लेकर कांग्रेस ने चरणबद्ध आंदोलन की घोषणा कर दी है। प्रदेश कांग्रेस कमेटी (PCC) अध्यक्ष दीपक बैज ने शनिवार को राजधानी स्थित राजीव भवन में आयोजित पत्रकार वार्ता में भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला और बिजली दर में बढ़ोतरी को जनविरोधी करार दिया। उन्होंने कहा कि सरकार किसानों और आम उपभोक्ताओं की जेब पर सीधा वार कर रही है, जिसका कांग्रेस सड़कों पर उतरकर विरोध करेगी।
बिजली दरों में भारी बढ़ोतरी, किसानों पर सबसे अधिक असर
दीपक बैज ने बताया कि भाजपा सरकार ने घरेलू उपभोक्ताओं पर 10 से 20 पैसे प्रति यूनिट और गैर-घरेलू उपयोग के लिए 25 पैसे प्रति यूनिट की दर से बिजली महंगी की है। लेकिन सबसे ज्यादा मार किसानों पर पड़ी है, जहां कृषि पंप के लिए बिजली दर में 50 पैसे प्रति यूनिट की भारी वृद्धि की गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि पहले ही खाद, बीज और बिजली कटौती से परेशान किसान अब और संकट में हैं।
ब्लॉक से जिला स्तर तक विरोध प्रदर्शन
बैज ने बताया कि 15 से 17 जुलाई तक प्रदेश के सभी ब्लॉकों में विरोध प्रदर्शन होंगे। इसके बाद 22 जुलाई को जिला मुख्यालयों में बिजली कार्यालयों का घेराव किया जाएगा। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता इससे पहले सभी जिलों में प्रेस वार्ताएं कर जनता को जागरूक करेंगे।
भाजपा शासन में बिजली दरों में रिकॉर्ड वृद्धि – कांग्रेस का आंकड़ों से हमला
दीपक बैज ने भाजपा पर आरोप लगाते हुए बिजली दरों का पूरा लेखाजोखा प्रस्तुत किया:
- 2003-04 में घरेलू बिजली दर ₹3.30 प्रति यूनिट थी,
- जो 2017-18 तक ₹6.40 हो गई — यानी 3.10 रुपए की वृद्धि (94%)।
उन्होंने बताया कि भाजपा की पिछली रमन सरकार ने लगातार बिजली दरें बढ़ाईं, जबकि कांग्रेस शासन (2018-2023) में 5 साल में कुल मिलाकर सिर्फ 2 पैसे (0.32%) की वृद्धि हुई।
2023-24 में कांग्रेस सरकार ने दर को स्थिर रखा, लेकिन वर्तमान भाजपा सरकार के सिर्फ डेढ़ साल में 80 पैसे प्रति यूनिट (13%) की भारी वृद्धि कर दी गई है।
‘बिजली बिल हाफ’ योजना से कांग्रेस ने दी थी राहत
बैज ने पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार की बिजली बिल हाफ योजना का हवाला देते हुए कहा कि 65 लाख से अधिक घरेलू उपभोक्ताओं को 3240 करोड़ रुपये की सब्सिडी दी गई थी। किसानों को 5 एचपी तक मुफ्त बिजली, BPL उपभोक्ताओं को 40 यूनिट तक फ्री बिजली दी गई। अस्पतालों और उद्योगों को भी रियायती दरों पर बिजली मुहैया कराई गई थी।
भ्रष्टाचार और बकाया बिल की वसूली जनता से क्यों?
दीपक बैज ने आरोप लगाया कि भाजपा शासन में कई सरकारी विभाग और मंत्री स्वयं बिजली का बिल नहीं भर रहे, लेकिन सरकार आम जनता से बिजली का बकाया वसूल रही है। उन्होंने यह भी कहा कि बिजली चोरी और लाइन लॉस में वृद्धि के बावजूद उसका बोझ आम उपभोक्ता पर डाला जा रहा है।
केन्द्र सरकार की नीतियों को बताया महंगी बिजली का कारण
बैज ने कहा कि मोदी सरकार की नीतियों ने बिजली उत्पादन लागत को बढ़ा दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि:
- कोयले पर ग्रीन टैक्स चार गुना बढ़ा दिया गया है।
- रेल माल भाड़ा अधिक वसूला जा रहा है।
- थर्मल पावर प्लांटों को महंगे दर पर अडानी कंपनी से कोयला खरीदने पर मजबूर किया जा रहा है।
- डीजल पर एक्साइज ड्यूटी बढ़ने से ट्रांसपोर्टेशन की लागत में भी वृद्धि हुई है।
इन सभी कारणों से बिजली महंगी हो रही है और इसकी कीमत आम जनता को चुकानी पड़ रही है।
वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं की उपस्थिति
प्रेस वार्ता में कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे, जिनमें पूर्व प्रदेश अध्यक्ष धनेन्द्र साहू, वरिष्ठ नेता सत्यनारायण शर्मा, पूर्व सांसद छाया वर्मा, कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला, पूर्व विधायक विकास उपाध्याय, पूर्व महापौर एजाज ढेबर समेत अन्य नेता शामिल थे।
