Chhattisgarh Congress Dispute: छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की कलह खुलकर सामने, धमतरी से केशकाल तक मंच पर बंटे नेता!
Chhattisgarh Congress Dispute: छत्तीसगढ़ के धमतरी में मंगलवार को कांग्रेस कार्यालय में उस अंदरूनी कलह का खुला प्रदर्शन देखने मिला, जिसे पार्टी अब तक पर्दे के पीछे रखने की कोशिश करती रही थी। राजीव भवन में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) के महासचिव और प्रदेश प्रभारी सचिन पायलट की मौजूदगी में वरिष्ठ कांग्रेस नेता देवेन्द्र अजमानी ने जिला कांग्रेस अध्यक्ष शरद लोहाना पर महापौर टिकट के बदले दलाली करने का गंभीर आरोप लगा दिया। इस वाकए का वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हो रहा है।
इस्तीफे को लेकर मचा घमासान
सूत्रों के अनुसार, बैठक समाप्त होने के बाद देवेन्द्र अजमानी पायलट से मिलकर अपना इस्तीफा सौंपना चाहते थे। लेकिन जिला अध्यक्ष और कुछ कार्यकर्ताओं ने उन्हें रोक लिया। इसी बात से नाराज़ होकर अजमानी भड़क गए और उन्होंने लोहाना पर टिकट बेचने, समूहवाद बढ़ाने और कार्यकर्ताओं की अनदेखी करने के आरोप लगा दिए।
हंगामा, धक्का-मुक्की और 15 मिनट का बवाल
बात बढ़ते-बढ़ते कुछ ही मिनटों में पूरे परिसर में तनाव फैल गया। नारेबाजी, धक्का-मुक्की और तेज़ चिल्लाहट ने माहौल को पूरी तरह गर्मा दिया। करीब 15 मिनट तक राजीव भवन किसी राजनीतिक अखाड़े में बदल गया जबकि सचिन पायलट पूरे विवाद के बीच शांत खड़े रहे और स्थिति को समझते रहे।
कांग्रेस ने की बड़ी कार्रवाई – 6 साल की निष्कासन
हंगामे के तुरंत बाद जिला अध्यक्ष शरद लोहाना ने प्रेस से कहा कि देवेन्द्र अजमानी ने पार्टी अनुशासन तोड़ा है और वरिष्ठ नेताओं का अपमान किया। इसके बाद उन्हें
6 साल के लिए कांग्रेस से निष्कासित करने का आदेश जारी कर दिया गया।
कांग्रेस की ओर से इसे “अनुशासनहीनता के खिलाफ सख्त कदम” बताया गया है।
अब केशकाल में गुटबाजी, पायलट के स्वागत मंच पर दिखा विभाजन
धमतरी की आग अभी शांत भी नहीं हुई थी कि पायलट के ही बस्तर दौरे के दौरान केशकाल में भी कांग्रेस की गुटबाजी खुलकर सामने आ गई।
केशकाल बस स्टैंड में आयोजित स्वागत समारोह में मंच पर दो साफ-साफ खेमे दिखाई दिए। एक ओर ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष राजेश नेताम का गुट खड़ा था, तो दूसरी ओर पूर्व विधायक संतराम नेताम अपने समर्थकों के साथ अलग खड़े नजर आए।
सचिन पायलट के सामने ही बंट गया मंच
सचिन पायलट के आगमन के दौरान मंच पर यह स्पष्ट विभाजन वहाँ मौजूद हर व्यक्ति को दिखा। समर्थकों तक में यह खींचतान नजर आई और पूरा आयोजन एकता की बजाय गुटबाजी का प्रदर्शन बनकर रह गया।
इस घटना का वीडियो भी तेज़ी से वायरल हो रहा है और कांग्रेस के जिला स्तर पर बढ़ते factionalism पर सवाल उठाए जा रहे हैं।
दो जिलों में एक ही दिन उपजे विवादों से कांग्रेस चिंतित
एक ही दिन में धमतरी और केशकाल—दो जगहों पर हुई घटनाओं ने यह साफ कर दिया है कि छत्तीसगढ़ में कांग्रेस गंभीर अंतरकलह से गुजर रही है।
पायलट के दौरों का उद्देश्य संगठन को मजबूत बनाने का था, लेकिन इसके उलट उनकी मौजूदगी में ही दो बड़े विवाद हुए, जिसने पार्टी नेतृत्व को चिंता में डाल दिया है।
बीजेपी ने साधा निशाना: ‘कांग्रेस अंदर से बिखर रही’
इस विवाद का वीडियो सामने आते ही बीजेपी ने कांग्रेस पर हमला बोला। धमतरी महापौर और बीजेपी के पूर्व प्रदेश महामंत्री रामू रोहरा ने कहा—
“कांग्रेस छोड़ने वालों की लंबी लाइन लग चुकी है। जो पार्टी 43 साल पुराने कार्यकर्ताओं को सम्मान नहीं दे पाती, वह जनता का क्या सम्मान करेगी?”
उन्होंने दावा किया कि यह घटना बताती है कि कांग्रेस मिशन 2025 से पहले ही गुटबाज़ी, टिकट की राजनीति और नेतृत्व संकट में फंस चुकी है।
अंदरूनी कलह राजनीतिक तस्वीर बदलने के संकेत
धमतरी की यह घटना न केवल स्थानीय संगठन की फूट को उजागर करती है, बल्कि यह भी दिखाती है कि चुनावी साल में कांग्रेस कैसे आंतरिक संघर्षों से जूझ रही है। टिकट बंटवारे, तकरार, आरोपों और अनुशासनहीनता के बीच पार्टी का संगठनात्मक ढांचा दबाव में दिख रहा है।
