Chhattisgarh Cabinet Meeting Decisions: गरीब परिवारों को मिलेगा मुफ्त चना, नवा रायपुर बनेगा आईटी हब, कर्मचारियों के लिए भी बड़ी खबर
Chhattisgarh Cabinet Meeting Decisions
रायपुर। Chhattisgarh Cabinet Meeting Decisions: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में मंत्रालय महानदी भवन में हुई राज्य मंत्रिपरिषद की बैठक में कई बड़े फैसले लिए गए। इस बैठक में गरीब और जरूरतमंद परिवारों को राहत देने और नवा रायपुर को आईटी हब बनाने की दिशा में अहम निर्णय लिए गए।
गरीब परिवारों को हर महीने मिलेगा 2 किलो चना
कैबिनेट ने तय किया है कि प्रदेश के अनुसूचित क्षेत्र (Scheduled Areas) और माड़ा पॉकेट क्षेत्रों में रहने वाले अंत्योदय और प्राथमिकता श्रेणी के परिवारों को सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के तहत हर महीने 2 किलो चना मुफ्त में दिया जाएगा।
इसके लिए नागरिक आपूर्ति निगम अब NeML ई-ऑक्शन प्लेटफॉर्म के जरिए खरीदी करेगा। खास बात यह है कि खरीदी 0.25 प्रतिशत या इससे कम ट्रांजैक्शन/सर्विस चार्ज पर होगी। इसके साथ ही यह भी निर्णय लिया गया कि जुलाई से नवंबर 2025 तक जिन हितग्राहियों को चना नहीं मिला है, उन्हें दिसंबर तक उनकी पात्रता के अनुसार चना उपलब्ध कराया जाएगा।
नवा रायपुर बनेगा टेक्नोलॉजी और आईटी हब
मंत्रिपरिषद ने एक और बड़ा फैसला लेते हुए नवा रायपुर में सूचना प्रौद्योगिकी और आईटी/आईटीईएस उद्योगों की स्थापना को बढ़ावा देने के लिए 90 एकड़ भूमि रियायती प्रीमियम दर पर आवंटित करने का निर्णय लिया है।
इस फैसले का उद्देश्य प्रदेश में आईटी सेक्टर में निवेश आकर्षित करना और निजी क्षेत्र की भागीदारी बढ़ाना है। सरकार का मानना है कि इस कदम से न केवल रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे बल्कि नवा रायपुर को एक आधुनिक टेक्नोलॉजी हब के रूप में विकसित किया जा सकेगा।
रोजगार और इंफ्रास्ट्रक्चर को मिलेगा बढ़ावा
आईटी कंपनियों की स्थापना से नवा रायपुर में इंफ्रास्ट्रक्चर का विकास और शहरीकरण की प्रक्रिया तेज होगी। इससे स्थानीय लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष दोनों तरह से लाभ मिलेगा। युवाओं को रोजगार के अवसर मिलेंगे और आर्थिक गतिविधियों में तेजी आएगी।
प्रदेश को नई पहचान दिलाने वाले फैसले
कैबिनेट की इस बैठक में लिए गए फैसले प्रदेश के लिए मील का पत्थर साबित हो सकते हैं। एक ओर गरीब परिवारों को PDS चना वितरण से राहत मिलेगी, तो दूसरी ओर नवा रायपुर को आईटी हब बनाने की पहल प्रदेश को तकनीकी और औद्योगिक मानचित्र पर नई पहचान दिलाएगी।
