रेल बजट में छत्तीसगढ़ को 7470 करोड़ की सौगात, ट्रेनों की संख्या दोगुनी

बिलासपुर। इस वर्ष के रेल बजट में छत्तीसगढ़ को 7,470 करोड़ रुपये का आवंटन मिला है, जो पिछले बजट की तुलना में 545 करोड़ रुपये अधिक है। इस बढ़े हुए प्रावधान से राज्य में रेल विकास कार्यों को गति मिलने की उम्मीद है। परियोजनाओं के पूर्ण होने के बाद बस्तर सहित दूरस्थ क्षेत्रों की जनता को सीधा लाभ मिलेगा।

दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे (SECR) बिलासपुर के महाप्रबंधक तरुण प्रकाश ने मीडिया से चर्चा में बताया कि रावघाट परियोजना और परमलकसा–खरसिया कॉरिडोर जैसी महत्वपूर्ण परियोजनाएं पूरी होने के बाद ट्रेनों की संख्या वर्तमान की तुलना में लगभग दोगुनी हो सकती है। इससे ओडिशा, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र जैसे पड़ोसी राज्यों को भी फायदा पहुंचेगा।

51 हजार करोड़ से अधिक के विकास कार्य जारी

वर्तमान में छत्तीसगढ़ में लगभग 51,080 करोड़ रुपये की रेल परियोजनाओं पर कार्य प्रगति पर है। इनमें स्टेशनों का पुनर्विकास, 100 प्रतिशत विद्युतीकरण, नई रेल लाइनों का निर्माण, डबलिंग-ट्रिपलिंग कार्य और प्रीमियम सेवाओं के माध्यम से कनेक्टिविटी सुधार शामिल हैं। साथ ही, रेल संरक्षा, अंडरपास, फ्लाईओवर और अन्य ग्रेड सेपरेशन कार्य भी किए जा रहे हैं।

बजटीय आवंटन में उल्लेखनीय वृद्धि

आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2009-14 के दौरान छत्तीसगढ़ के लिए रेल बजट का औसत वार्षिक आवंटन 311 करोड़ रुपये था, जो वर्ष 2026-27 में बढ़कर 7,470 करोड़ रुपये हो गया है। इस वृद्धि से राज्य के रेल नेटवर्क को मजबूत आधार मिलने की उम्मीद है।

32 स्टेशनों का होगा पुनर्विकास

राज्य के कुल 32 स्टेशनों को पूर्ण पुनर्विकास के लिए चिन्हित किया गया है, जिन पर लगभग 1,674 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। पहले चरण में 5 स्टेशनों का कार्य पूरा हो चुका है।

अमृत स्टेशन योजना के तहत स्टेशन परिसरों में यात्री सुविधाओं को उन्नत किया जा रहा है। इसमें स्वच्छता, बेहतर प्रवेश-निकास व्यवस्था, आधुनिक प्रतीक्षालय, उन्नत यात्री सूचना प्रणाली, पार्किंग प्रबंधन और दिव्यांगजन अनुकूल सुविधाओं को प्राथमिकता दी जा रही है।

 

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