CG Electricity Bill New Rules: छत्तीसगढ़ में बिजली बिल के नए नियम,1 अप्रैल से लागू होगी प्रीपेड व्यवस्था, सरकारी विभागों में बदलाव
CG Electricity Bill New Rules: छत्तीसगढ़ में बिजली बिल भुगतान की व्यवस्था में एक बड़ा बदलाव होने जा रहा है। छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत नियामक आयोग ने बिजली कंपनी के प्रीपेड मॉडल को मंजूरी दे दी है, जिसके तहत अब उपभोक्ताओं को बिजली उपयोग करने से पहले रिचार्ज कराना होगा, ठीक वैसे जैसे मोबाइल फोन में रिचार्ज कराना पड़ता है। इस नए नियम का पहला चरण सरकारी विभागों से शुरू होगा, और 1 अप्रैल से यह व्यवस्था लागू हो जाएगी।
प्रीपेड व्यवस्था के तहत बदलाव
बिजली वितरण कंपनी के अनुसार, राज्य के सभी सरकारी कनेक्शनों को प्रीपेड मोड में बदला जा रहा है। इससे पहले विभागों पर बढ़ते बकाए ने बड़ी चुनौती खड़ी कर दी थी, जिसे नियंत्रित करने के लिए यह कदम उठाया गया है। अब तक 1.5 लाख स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं और 22 हजार मीटर पंचायतों व आंगनबाड़ी केंद्रों में लगाए जा रहे हैं।
बकाया राशि में भारी वृद्धि
गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ में सरकारी विभागों पर बिजली बिल का बकाया 3,000 करोड़ रुपये के पार पहुंच चुका है। अगस्त 2024 में यह आंकड़ा 1,988 करोड़ रुपये था, जो मार्च 2025 तक बढ़कर 2,444.91 करोड़ रुपये हो गया था। अब यह आंकड़ा और बढ़ने की संभावना है, जिससे विभागों के लिए भुगतान में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए प्रीपेड व्यवस्था को लागू किया जा रहा है।
प्रारंभिक रिचार्ज और भुगतान
नई व्यवस्था के तहत सभी सरकारी विभागों को अपनी औसत मासिक बिजली खपत के आधार पर तीन महीने का अग्रिम रिचार्ज कराना होगा। रिचार्ज समाप्त होने से पहले अगली अवधि का भुगतान करना जरूरी होगा, अन्यथा बिजली सप्लाई स्वतः बंद हो जाएगी।
600 करोड़ रुपये की पहली किस्त जारी
पुराने बकाए के निपटारे के लिए सरकार ने बजट से किस्तों में भुगतान की व्यवस्था की है। इसके तहत पहले चरण में 600 करोड़ रुपये की पहली किस्त जारी की जा चुकी है। इस प्रीपेड सिस्टम को चरणबद्ध तरीके से आम उपभोक्ताओं तक भी लागू करने की योजना है। अधिकारियों का मानना है कि इससे बिल वसूली में पारदर्शिता आएगी और बकाया की समस्या का स्थायी समाधान संभव होगा।
