CBSE का नया कारनामा : दो घंटे बाद बंटे प्रश्नपत्र, छात्रों को बंद कमरे में कराया गया लंबा इंतजार
CBSE का नया कारनामा
CBSE (केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड) द्वारा आयोजित बारहवीं कक्षा की परीक्षा में मंगलवार को गंभीर लापरवाही सामने आई। मंगलवार को 12वीं कक्षा का अकाउंट्स विषय का प्रश्नपत्र था, लेकिन परीक्षा व्यवस्था में भारी अव्यवस्था के कारण छात्रों को लंबे समय तक इंतजार करना पड़ा।
परीक्षा केंद्र पर समय से नहीं पहुंचे प्रश्नपत्र
अन्य विद्यालयों के साथ केंद्रीय विद्यालय डब्ल्यूआरएस कॉलोनी को भी परीक्षा केंद्र बनाया गया था। यहां दो निजी स्कूलों के 100 से अधिक छात्र परीक्षा देने पहुंचे थे। परीक्षा का निर्धारित समय सुबह 10:30 से दोपहर 1:30 बजे तक था। छात्र निर्देशानुसार 10 बजे ही कक्षा में प्रवेश कर गए और सभी औपचारिकताएं पूरी कर ली गईं, लेकिन 10:30 बजे तक प्रश्नपत्र उपलब्ध नहीं कराए जा सके।
छात्रों को दो घंटे तक कराया गया इंतजार
परीक्षा केंद्र पर मौजूद छात्रों को कभी 10 मिनट तो कभी 15 मिनट में प्रश्नपत्र मिलने की बात कही जाती रही। इस तरह छात्रों को लगभग दो घंटे तक इंतजार करना पड़ा। आखिरकार दोपहर करीब 12 बजे प्रश्नपत्र वितरित किए गए और परीक्षा दोपहर 3 बजे तक चली। इस दौरान छात्रों को परीक्षा कक्ष से बाहर निकलने की अनुमति नहीं दी गई।
पालक भी रहे परेशान
परीक्षा समाप्ति के निर्धारित समय 1:30 बजे छात्रों को लेने पहुंचे पालकों को भी लगभग डेढ़ घंटे तक इंतजार करना पड़ा। इस पूरी घटना से छात्र और अभिभावक दोनों ही परेशान नजर आए।
विद्यालय प्रबंधन ने झाड़ा पल्ला
पूरे मामले में विद्यालय प्रबंधन ने कहा कि परीक्षा का संचालन पूरी तरह केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड द्वारा किया जाता है और विद्यालय की इसमें कोई भूमिका नहीं है। वहीं, रायपुर स्थित CBSE क्षेत्रीय कार्यालय की ओर से इस मामले में न तो कोई आधिकारिक जवाब दिया गया और न ही स्थिति स्पष्ट की गई।
पहली बार इतनी बड़ी गड़बड़ी
निजी स्कूल संघ के अध्यक्ष राजीव गुप्ता ने कहा कि छत्तीसगढ़ में CBSE परीक्षाओं में इस तरह की गड़बड़ी पहली बार सामने आई है।
उन्होंने बताया कि इसी सत्र में रायपुर में CBSE का क्षेत्रीय कार्यालय शुरू हुआ है और इस तरह की अव्यवस्था बोर्ड की प्रतिष्ठा के लिए घातक है।
10वीं की परीक्षा में भी सामने आई थी लापरवाही
अंदरूनी सूत्रों के अनुसार, परीक्षा केंद्र पर पर्याप्त संख्या में प्रश्नपत्र नहीं पहुंच पाए थे, जिसके कारण यह स्थिति बनी।
इससे पहले 17 फरवरी को 10वीं कक्षा की परीक्षा में भी बड़ी गड़बड़ी सामने आई थी।
दंतेवाड़ा-बालोद में फोटोकॉपी से कराई गई परीक्षा
10वीं की परीक्षा के दौरान दंतेवाड़ा और बालोद जिले के स्वामी आत्मानंद विद्यालय में निर्धारित संख्या से 56 प्रश्नपत्र कम पहुंचे थे।
स्थिति को संभालने के लिए प्रश्नपत्रों की फोटोकॉपी कर छात्रों को वितरित किया गया। यहां परीक्षा 12:45 बजे शुरू होकर 3:45 बजे तक चली।
इस केंद्र पर बेसिक के 165 और स्टैंडर्ड के 20 छात्रों के लिए परीक्षा केंद्र बनाया गया था।
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