CBSE Revaluation 2026: 40 हजार से ज्यादा छात्रों ने किया आवेदन, बोर्ड ने पेमेंट और प्रक्रिया को लेकर जारी की अहम जानकारी

CBSE Revaluation 2026

CBSE Revaluation 2026 के लिए 40 हजार से अधिक छात्र आवेदन कर चुके हैं। बोर्ड ने री-चेकिंग, री-इवैल्यूएशन शुल्क, पेमेंट विकल्प और आवेदन की अंतिम तिथि को लेकर महत्वपूर्ण जानकारी साझा की है।

 

CBSE Revaluation 2026 के लिए आवेदन में तेजी

CBSE Revaluation 2026 प्रक्रिया के तहत देशभर के हजारों छात्र अपनी उत्तर पुस्तिकाओं की दोबारा जांच और पुनर्मूल्यांकन के लिए आवेदन कर रहे हैं। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) के अनुसार अब तक 40 हजार से अधिक छात्रों ने आवेदन कर दिया है।

बोर्ड ने बताया कि छात्रों की बढ़ती संख्या को देखते हुए पोर्टल पर लगातार तकनीकी सुधार किए जा रहे हैं ताकि आवेदन प्रक्रिया सुचारू रूप से संचालित हो सके।

 

6 जून तक कर सकेंगे आवेदन

CBSE Revaluation 2026 के लिए आवेदन प्रक्रिया 6 जून की मध्यरात्रि तक जारी रहेगी। बोर्ड के अनुसार केवल वही छात्र इस प्रक्रिया में शामिल हो सकते हैं जिन्होंने अपनी उत्तर पुस्तिका की स्कैन कॉपी प्राप्त कर ली है।

छात्रों को सलाह दी गई है कि वे केवल आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से ही आवेदन करें और किसी भी अनधिकृत लिंक या वेबसाइट से दूर रहें।

 

पेमेंट के लिए उपलब्ध हैं चार बैंक

CBSE Revaluation 2026 को लेकर बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि शुल्क भुगतान के लिए चार बैंकिंग विकल्प उपलब्ध कराए गए हैं।

बोर्ड ने कहा कि आवेदन करने वाले छात्र या उनके अभिभावकों का इन बैंकों में खाता होना आवश्यक नहीं है। विभिन्न डिजिटल भुगतान माध्यमों के जरिए शुल्क जमा किया जा सकता है।

 

री-चेकिंग और री-इवैल्यूएशन का शुल्क

CBSE Revaluation 2026 के तहत छात्रों को निर्धारित शुल्क का भुगतान करना होगा।

  • उत्तर पुस्तिका की स्कैन कॉपी में त्रुटियों के सत्यापन के लिए: 100 रुपये प्रति उत्तर पुस्तिका
  • पुनर्मूल्यांकन (Re-Evaluation) के लिए: 25 रुपये प्रति प्रश्न

बोर्ड ने बताया कि सभी भुगतान ऑनलाइन माध्यम से किए जा सकते हैं।

 

कुछ घंटों में हजारों आवेदन

CBSE Revaluation 2026 प्रक्रिया शुरू होने के बाद छात्रों की भारी भागीदारी देखने को मिली है।

बोर्ड के अनुसार रात 10 बजे तक 14 हजार से अधिक छात्रों ने आवेदन किया था। वहीं अगले दिन सुबह 9:30 बजे तक यह संख्या बढ़कर 40 हजार के पार पहुंच गई।

 

OSM विवाद के बीच बढ़ी बोर्ड की चुनौतियां

CBSE Revaluation 2026 के दौरान बोर्ड पहले से ही ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) प्रणाली को लेकर उठ रहे सवालों का सामना कर रहा है।

कई छात्रों और शिक्षकों ने मूल्यांकन प्रक्रिया में संभावित त्रुटियों को लेकर चिंता जताई है। इसी कारण इस वर्ष री-चेकिंग और पुनर्मूल्यांकन के लिए आवेदन करने वाले छात्रों की संख्या अधिक रहने की संभावना जताई जा रही है।

 

CBSE में नेतृत्व परिवर्तन

CBSE Revaluation 2026 प्रक्रिया के बीच बोर्ड में प्रशासनिक बदलाव भी हुआ है।

रिपोर्ट्स के अनुसार CBSE के चेयरमैन पद पर बदलाव किया गया है और नए चेयरमैन के रूप में लोखंडे प्रशांत सीताराम को जिम्मेदारी सौंपी गई है। वहीं राहुल सिंह की जगह यह नियुक्ति की गई है।

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