लेह-लद्दाख में कर्फ्यू.. सोनम वांगचुक के NGO का लाइसेंस रद्द, रैली-जुलूस पर बैन

Leh : लेह-लद्दाख में हाल ही हुई हिंसा के बाद केंद्र सरकार की कार्रवाई जारी है। गृह मंत्रालय ने सोशल एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक के NGO का विदेशी फंडिंग (FCRA) लाइसेंस रद्द कर दिया है। इसका मतलब है कि अब उनकी संस्थाएं विदेश से कोई अंशदान नहीं ले सकतीं। वहीं, हिंसा मामले में पुलिस ने अब तक 50 लोगों को गिरफ्तार किया है और लेह में लगातार तीसरे दिन कर्फ्यू जारी है। स्कूल, कॉलेज और आंगनबाड़ी केंद्र भी बंद हैं।

उप-राज्यपाल का बयान और सुरक्षा व्यवस्था
लद्दाख के उपराज्यपाल कविंदर गुप्ता ने सुरक्षा एजेंसियों के साथ बैठक कर कहा कि लेह में हिंसा साजिश के तहत हुई। केंद्र सरकार ने हालात नियंत्रित करने के लिए लद्दाख और करगिल में BNS की धारा 163 लागू कर दी है। इसके तहत बिना प्रशासन की अनुमति कोई जुलूस, रैली या मार्च नहीं निकाल सकता। CRPF की चार अतिरिक्त कंपनियों को कश्मीर से लद्दाख भेजा गया है, वहीं ITBP की चार कंपनियों को भी वहां तैनात किया जा रहा है। लोगों से सोशल मीडिया पर पुराने और भड़काऊ वीडियो शेयर ना करने की अपील की गई है।

सोनम वांगचुक का पक्ष
सोनम वांगचुक ने कहा कि उन्हें बलि का बकरा बनाया जा रहा है और लेह हिंसा भड़काने के आरोप गलत हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि उनकी संस्थाएं विदेशी चंदे पर निर्भर नहीं हैं और दोनों संस्थाएं जरूरतमंद बच्चों को मुफ्त शिक्षा देती हैं। HIAL में छात्रों को प्रोजेक्ट्स पर काम करने के लिए स्टाइपेंड भी दिया जाता है।

सीबीआई की जांच
सीबीआई ने वांगचुक की NGO हिमालयन इंस्टीट्यूट ऑफ ऑल्टरनेटिव्स लद्दाख (HIAL) और स्टूडेंट्स एजुकेशनल एंड कल्चरल मूवमेंट ऑफ लद्दाख (SECMOL) के खिलाफ FCRA उल्लंघन मामले में जांच शुरू कर दी है। सीबीआई की टीमें लद्दाख में डेरा डाले हुए हैं और NGO के अकाउंट्स और रिकॉर्ड की जांच कर रही हैं। फिलहाल कोई एफआईआर दर्ज नहीं की गई है। वांगचुक के अनुसार, करीब 10 दिन पहले ही गृह मंत्रालय के आदेश पर सीबीआई टीम उनके पास आई थी।

लेह में आंदोलन और हिंसा का बैकग्राउंड
बता दें कि 24 सितंबर को लेह में लद्दाख को पूर्ण राज्य का दर्जा देने की मांग को लेकर आंदोलन हुआ था। इस दौरान हिंसा में 4 लोगों की मौत हुई थी, जबकि 80 से ज्यादा प्रदर्शनकारी और 30 सुरक्षाकर्मी घायल हुए थे।

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