174 यात्रियों की जान बचाने वाले जांबाज कैप्टन स्मित मछार की सेहत में सुधार: यूएई में भारतीय दूतावास ने जारी किया मेडिकल अपडेट
डेस्क। हवा में 174 यात्रियों की जान बचाने वाले भारतीय जांबाज पायलट कैप्टन स्मित मछार की सेहत में तेजी से सुधार हो रहा है। संयुक्त अरब अमीरात (UAE) स्थित भारतीय दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर उनकी मेडिकल स्थिति से जुड़ा आधिकारिक अपडेट जारी किया है। दूतावास ने बताया कि कैप्टन स्मित का बेहतरीन मेडिकल देख-रेख में इलाज चल रहा है और वे अच्छी तरह से ठीक हो रहे हैं।
परिवार के संपर्क में दूतावास, यूएई सरकार का जताया आभार
भारतीय दूतावास ने अपने बयान में कहा, “हम कैप्टन स्मित के परिवार और स्थानीय अधिकारियों के लगातार संपर्क में हैं तथा उनके जल्द स्वस्थ होने के लिए हर संभव मदद उपलब्ध कराई जा रही है। कैप्टन स्मित की उत्कृष्ट देखभाल के लिए हम यूएई सरकार का आभार व्यक्त करते हैं और उनकी बेहतर सेहत की कामना करने वाले सभी शुभचिंतकों के साथ खड़े हैं।” इससे पूर्व, दूतावास ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और फ्लाईदुबई के कैप्टन स्मित मछार के बीच हुई भावुक मुलाकात का एक यादगार वीडियो भी साझा किया था।
UPDATE:Indian braveheart Capt. Smit remains under excellent medical care & is recovering well. We are in touch with his family & local authorities, extending support for a speedy recovery.
Our thanks to UAE gov. for their care. We join well-wishers in praying for his good health. pic.twitter.com/405dR2tfTY— India in UAE (@IndembAbuDhabi) October 3, 2026
30 सितंबर को कॉकपिट में क्या हुआ था?
30 सितंबर 2026 को दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की फ्लाइट संख्या FZ1073 में ओमानी सहायक पायलट ने प्लेन हाईजैक करने की नीयत से अचानक हमला कर दिया था। उसने कॉकपिट में रखी इमरजेंसी कुल्हाड़ी से कैप्टन स्मित पर ताबड़तोड़ वार किए, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए। इस खींचतान में 30 सेकंड के भीतर विमान करीब 1400 फीट नीचे गिर गया था और केबिन में अफरा-तफरी मच गई थी।
हनुमान चालीसा का पाठ और सुरक्षित लैंडिंग
गंभीर रूप से लहूलुहान होने के बावजूद कैप्टन स्मित ने अदम्य साहस का परिचय दिया। बेहोश होने से ठीक पहले उन्होंने कॉकपिट का इमरजेंसी दरवाजा खोल दिया और विमान पर नियंत्रण हासिल कर उसे सुरक्षित लैंड कराया। कैप्टन स्मित ने मीडिया को बताया था कि इस रोंगटे खड़े कर देने वाले संकट के दौरान वे लगातार मन ही मन हनुमान चालीसा का पाठ कर रहे थे। वहीं, दरवाजा खुलते ही फ्लाइट में मौजूद एक प्लंबर, एक डेंटिस्ट और अन्य यात्रियों ने भी क्रू की मदद कर हमलावर को काबू करने में अहम भूमिका निभाई थी।
