Budget 2026: मिडिल क्लास निराश, निवेशकों को झटका- बजट से टूट गईं 5 बड़ी उम्मीदें

Budget 2026: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने केंद्रीय बजट 2026 पेश कर दिया है। करीब 53 लाख करोड़ रुपये के इस बजट में सरकार ने आम आदमी, महिलाओं, किसानों और युवाओं पर फोकस होने का दावा किया है। रेलवे के लिए 7 नए हाई-स्पीड कॉरिडोर और गंभीर बीमारियों की दवाओं को सस्ता करने जैसे ऐलान जरूर हुए, लेकिन इसके बावजूद मिडिल क्लास, सीनियर सिटीजन और शेयर बाजार निवेशकों को अपेक्षित राहत नहीं मिली।

कई ऐसे मुद्दे रहे, जिन पर बड़ी घोषणाओं की उम्मीद थी, मगर बजट में उन्हें जगह नहीं मिल सकी।

 ये 5 बड़ी उम्मीदें, जो बजट में पूरी नहीं हुईं

टैक्स में अतिरिक्त छूट नही

पिछले बजट में नए टैक्स रिजीम के तहत 12 लाख रुपये तक की आय पर शून्य टैक्स की घोषणा हुई थी। इस बार उम्मीद थी कि यह सीमा बढ़कर 14 लाख रुपये हो सकती है, लेकिन सरकार ने इसमें कोई बदलाव नहीं किया।

नए टैक्स रिजीम में निवेश छूट का इंतजार

नए टैक्स सिस्टम में PPF, NPS और ELSS जैसी योजनाओं पर टैक्स छूट मिलने की उम्मीद थी, मगर सरकार ने कोई राहत नहीं दी। ये छूट अब भी सिर्फ पुराने टैक्स रिजीम में ही लागू रहेंगी, जहां धारा 80C के तहत 1.5 लाख रुपये तक की छूट मिलती है।

किसानों को PM-Kisan पर राहत नहीं

किसानों को उम्मीद थी कि PM-Kisan सम्मान निधि को 6,000 रुपये से बढ़ाकर 12,000 रुपये सालाना किया जाएगा, लेकिन बजट में इस पर कोई घोषणा नहीं हुई। इसके अलावा MSP को लेकर भी कोई बड़ा ऐलान नहीं किया गया।

सीनियर सिटीजन के लिए कोई नई रियायत नहीं

सीनियर सिटीजन को रेलवे टिकट में छूट, बीमा योजनाओं में राहत या TDS सीमा बढ़ाने की उम्मीद थी, लेकिन बजट में ऐसी कोई घोषणा नहीं हुई।

शेयर बाजार निवेशकों को झटका

बजट में F&O ट्रेडर्स के लिए ट्रांजैक्शन चार्ज बढ़ा दिया गया, जिससे निवेशकों को झटका लगा। वहीं LTCG और STCG टैक्स में भी कोई कटौती नहीं की गई, जबकि निवेशक टैक्स राहत की उम्मीद लगाए बैठे थे।

कुल मिलाकर

जहां बजट में इंफ्रास्ट्रक्चर और सामाजिक योजनाओं पर जोर दिखा, वहीं मिडिल क्लास, सैलरीड टैक्सपेयर्स और निवेशकों की कई उम्मीदें अधूरी रह गईं।

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