#BoycottMalabarGold : क्यों इस ज्वैलरी ब्रांड के बायकॉट की हो रही डिमांड, ये पाकिस्तानी इंफ्लुएंसर है वजह..

केरल। धनतेरस और दिवाली से ठीक पहले केरल स्थित ज्वैलरी ब्रांड मालाबार गोल्ड एंड डायमंड्स एक बड़े विवाद में फंस गया है। पाकिस्तानी इंस्टाग्राम इन्फ्लुएंसर अलिश्बा खालिद को लंदन स्थित नए शोरूम के उद्घाटन में ब्रांड प्रमोटर के रूप में आमंत्रित करने के बाद सोशल मीडिया पर ब्रांड के खिलाफ गुस्सा भड़क उठा। अलिश्बा ने भारत के ऑपरेशन सिंदूर का मजाक उड़ाते हुए विवादास्पद पोस्ट किए थे, जिसके बाद लोगों ने ब्रांड का बहिष्कार करने की मांग शुरू कर दी। रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह मामला सितंबर से चला आ रहा है, लेकिन अब धनतेरस के मौके पर फिर तूल पकड़ रहा है, जब लोग बड़े पैमाने पर सोने-चांदी के आभूषण खरीदते हैं।

विवाद का कारण: अलिश्बा खालिद का भारत विरोधी रुख
सितंबर 2025 में मालाबार गोल्ड एंड डायमंड्स के लंदन शोरूम के उद्घाटन समारोह में अलिश्बा खालिद की मौजूदगी ने लोगों का ध्यान खींचा। अलिश्बा ने मई 2025 में इंस्टाग्राम और एक्स पर पोस्ट्स के जरिए भारत के ऑपरेशन सिंदूर की आलोचना की थी। इस ऑपरेशन का उद्देश्य पाकिस्तान और पाक अधिकृत कश्मीर में जैश-ए-मोहम्मद जैसे आतंकवादी संगठनों के ठिकानों को निशाना बनाना था। अलिश्बा ने इसे गलत तरीके से पेश करते हुए दावा किया था कि भारत ने एक मस्जिद को निशाना बनाया, जबकि वास्तव में यह हाफिज सईद का आतंकी अड्डा था, जहां लोगों को भारत के खिलाफ जिहाद के लिए उकसाया जाता था।
अलिश्बा ने अपने पोस्ट में लिखा था, “मेरे 60% फॉलोअर्स भारत से हैं, लेकिन मुझे अब कोई फर्क नहीं पड़ता। मुझे अपने देश और इतिहास के सही पक्ष में खड़े होने की परवाह है।” इन बयानों के बाद उनकी मौजूदगी मालाबार के लंदन इवेंट में देखे जाने पर भारतीय सोशल मीडिया यूजर्स ने ब्रांड पर भारत विरोधी रुख अपनाने का आरोप लगाया।

मालाबार की सफाई: अलिश्बा से कोई दीर्घकालिक संबंध नहीं
मालाबार गोल्ड एंड डायमंड्स ने इस विवाद पर सफाई देते हुए कहा कि अलिश्बा खालिद का कंपनी के साथ संबंध केवल लंदन शोरूम के उद्घाटन तक सीमित था। कंपनी ने स्पष्ट किया कि अलिश्बा को ब्रांड कैंपेन का हिस्सा नहीं बनाया गया था और न ही भविष्य में बनाया जाएगा। मालाबार के अनुसार, अलिश्बा को ब्रिटेन की थर्ड-पार्टी एजेंसी जेएबी स्टूडियो के जरिए चुना गया था, जिसे अब कंपनी ने ब्लैकलिस्ट कर दिया है। कंपनी ने जोर देकर कहा कि उसे अलिश्बा के भारत विरोधी बयानों की कोई जानकारी नहीं थी।

बॉम्बे हाई कोर्ट का हस्तक्षेप
विवाद बढ़ने के बाद मालाबार गोल्ड ने बॉम्बे हाई कोर्ट का रुख किया। कंपनी ने दावा किया कि सोशल मीडिया पर चल रही आलोचनाएं उसकी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचा रही हैं और उसे ‘पाकिस्तान समर्थक’ के रूप में गलत तरीके से पेश किया जा रहा है। कोर्ट ने मेटा, एक्स, गूगल और अन्य प्लेटफॉर्म्स को निर्देश दिए कि वे ऐसी सामग्री को हटाएं जो ब्रांड के खिलाफ आपत्तिजनक हो।

करीना कपूर के साथ तस्वीरें और बढ़ा विवाद
लंदन शोरूम के उद्घाटन की एक रील में अलिश्बा को मालाबार की ब्रांड एंबेसडर, बॉलीवुड अभिनेत्री करीना कपूर के साथ तस्वीरें खिंचवाते देखा गया था। हालांकि, यह रील अब हटा दी गई है और अलिश्बा ने भी अपने उन पुराने पोस्ट्स को डिलीट कर दिया है, जिनमें उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर की आलोचना की थी। फिर भी, धनतेरस से पहले यह विवाद फिर से सुर्खियों में आ गया है, जिससे मालाबार के खिलाफ ऑनलाइन बहिष्कार की मांग और तेज हो गई है।

मालाबार गोल्ड: वैश्विक कारोबार और मालिक
मालाबार गोल्ड एंड डायमंड्स केरल के अरबपति एम. अहमद के स्वामित्व वाला ब्रांड है। कंपनी का दावा है कि 2025 में उसका वैश्विक राजस्व 7.5 अरब डॉलर रहा। यह दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी आभूषण खुदरा विक्रेता है और भारत, संयुक्त अरब अमीरात, अमेरिका, ब्रिटेन और कनाडा सहित 14 देशों में इसका कारोबार फैला हुआ है।

धनतेरस और बहिष्कार का असर
धनतेरस, जो दिवाली से पहले सोने-चांदी की खरीदारी का प्रमुख अवसर है, भारतीय और प्रवासी भारतीयों के लिए समृद्धि का प्रतीक माना जाता है। इस दौरान आभूषण की दुकानों में भारी भीड़ देखी जाती है। ऐसे में मालाबार गोल्ड के खिलाफ बहिष्कार की मांग ने कंपनी के लिए चुनौतियां बढ़ा दी हैं। सोशल मीडिया पर यूजर्स ने ब्रांड पर असंवेदनशीलता का आरोप लगाते हुए #BoycottMalabarGold ट्रेंड शुरू कर दिया है।

कंपनी ने इस मामले में बार-बार सफाई दी है, लेकिन क्या यह विवाद धनतेरस की बिक्री पर असर डालेगा, यह देखना बाकी है।

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