काली साड़ी पहनकर राजीव भवन पहुंची BJP महिला मोर्चा… तो कांग्रेस ने बरसाए फूल

रायपुर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मां हीराबेन के खिलाफ कथित तौर पर कांग्रेस नेताओं द्वारा की गई टिप्पणी ने छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में एक बड़ा राजनीतिक तूफान खड़ा कर दिया है। इसके विरोध में भाजपा महिला मोर्चा की सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने काली साड़ियां पहनकर मंगलवार को कांग्रेस मुख्यालय राजीव भवन का घेराव किया। हालांकि, इस घेराव का कांग्रेस ने एक अप्रत्याशित और सांकेतिक जवाब दिया – उनकी महिला कार्यकर्ताओं ने भाजपा की टीम का फूलमालाओं और ‘मोहब्बत के नारों’ से स्वागत किया। यह घटना सिर्फ एक विरोध प्रदर्शन नहीं, बल्कि दोनों दलों की अलग-अलग राजनीतिक रणनीति और ‘नेरेटिव’ बनाने की कोशिश का जीता-जागता उदाहरण बन गई।

भाजपा महिला मोर्चा की कार्यकर्ताएं पहले बीटीआई मैदान में जमा हुईं, जहां से वे राजीव भवन की ओर निकलीं। बैरिकेडिंग तोड़ते हुए आगे बढ़ती इन महिलाओं के हाथों में पीएम मोदी की तस्वीरें थीं और वे राहुल गांधी और कांग्रेस के खिलाफ नारेबाजी कर रही थीं। उनका आरोप था कि कांग्रेस, प्रधानमंत्री की बढ़ती लोकप्रियता को बर्दाश्त नहीं कर पा रही है और इसी नफरत के चलते उसके नेताओं ने एक बुजुर्ग मां का अपमान किया है।

भाजपा के वरिष्ठ नेताओं ने इस मौके पर कांग्रेस पर जमकर हमला बोला। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण देव ने कहा कि यह घटना कांग्रेस की मानसिकता को दर्शाती है, जो हमेशा से “मौत का सौदागर” और “चौकीदार चोर है” जैसे विवादित बयान देती रही है। भाजपा की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सरोज पांडेय ने इसे भारतीय संस्कृति पर हमला बताया। उन्होंने कहा, “राहुल गांधी मोहब्बत की दुकान चलाने की बात करते हैं, लेकिन असल में उनकी पार्टी में नफरत और अपशब्द बेचे जाते हैं।” महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष विभा अवस्थी ने इसे ‘मातृ शक्ति के हृदय पर आघात’ करार दिया।

वहीं, दूसरी ओर, कांग्रेस ने इस विरोध प्रदर्शन को एक अलग ही कोण से देखा और उसका जवाब भी उसी रणनीति के तहत दिया। भाजपा की महिला कार्यकर्ताओं के राजीव भवन पहुंचते ही, कांग्रेस महिला मोर्चा की सदस्यों ने उनका फूलमालाओं से स्वागत किया और ‘मोहब्बत की दुकान में स्वागत है’ जैसे नारे लगाए। यह कांग्रेस की उस ‘गर्मजोशी भरी राजनीति’ (Politics of Love) की छवि को स्थापित करने की कोशिश थी, जिसका ऐलान राहुल गांधी ने किया था।

कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने भाजपा पर पलटवार करते हुए कहा, “भाजपा की बहनों से आग्रह है कि वे सबसे पहले उनका विरोध करें जिन्होंने विधवा महिलाओं का अपमान किया, मातृ-शक्ति को कोसा और एक महिला को ’50 करोड़ की गर्लफ्रेंड’ कहा।” यह सीधा तंज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पुराने बयानों की ओर इशारा था।

रायपुर के सड़कों पर दिखा यह नज़ारा सिर्फ एक विरोध प्रदर्शन नहीं, बल्कि दोनों पार्टियों का अपना-अपना ‘पॉलिटिकल नरेटिव’ सेट करने का एक सजीव मंच था।

तो इस तरह, दोनों पक्षों ने ‘नारी सम्मान’ के मुद्दे को अपने-अपने ढंग से उठाते हुए राजनीतिक फायदा लेने की कोशिश की।

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