Biometric Attendance: रायपुर मंत्रालय में शुरू होगा बायोमेट्रिक अटेंडेंस सिस्टम: लेट-लतीफी पर लगेगी लगाम

Biometric Attendance System

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Biometric Attendance: रायपुर मंत्रालय में लंबे समय से लंबित Biometric Attendance सिस्टम अब आखिरकार 1 दिसंबर से लागू होने जा रहा है। अधिकारियों का एक बड़ा वर्ग इस व्यवस्था के लिए तैयार नहीं था, लेकिन मुख्य सचिव के स्पष्ट निर्देश के बाद इसे तत्काल प्रभाव से शुरू करने का निर्णय लिया गया है।

मुख्यमंत्री ने उठाया था समयपालन का मुद्दा

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस वर्ष 1 जनवरी को मंत्रालय के अधिकारियों और HODs की बैठक में देरी से आने की समस्या उठाई थी। उन्होंने निर्देश दिए थे कि उपस्थिति प्रणाली को पारदर्शी बनाने के लिए बायोमेट्रिक सिस्टम लागू किया जाए। इसके बावजूद कई महीनों तक यह व्यवस्था लागू नहीं हो पाई।

नए मुख्य सचिव ने बढ़ाई प्रक्रिया की रफ्तार

मुख्य सचिव विकास शील के पद संभालने के बाद Biometric Attendance को लेकर काम में तेजी आई। कलेक्टर कॉन्फ्रेंस में उन्होंने साफ कहा कि एक महीने के भीतर यह व्यवस्था लागू हो जानी चाहिए। उन्होंने 1 दिसंबर की डेडलाइन तय की थी, जिसके बाद विभागों ने तैयारी तेज कर दी।

रविवार को भी जारी हुआ आदेश, कल से होगी हाज़िरी अनिवार्य

सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) ने रविवार के अवकाश के बावजूद आदेश जारी कर सभी अधिकारियों को आगाह किया कि 1 दिसंबर से बायोमेट्रिक उपस्थिति अनिवार्य कर दी जाएगी। महानदी भवन के गेट पर Biometric Attendance डिवाइस स्थापित कर दिया गया है। साथ ही मोबाइल ऐप के माध्यम से भी उपस्थिति दर्ज करने की सुविधा उपलब्ध होगी। आने और जाने — दोनों समय बायोमेट्रिक हाजिरी अनिवार्य होगी। ऐसा न करने पर अधिकारी अनुपस्थित माने जाएंगे। यह नियम अवर सचिव से लेकर मुख्य सचिव तक सभी अधिकारियों पर लागू रहेगा।

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बड़े अफसरों की टाईमिंग पर पड़ेगा असर

मंत्रालय में अब तक समय अनुशासन की संस्कृति विकसित नहीं हो पाई थी। यदि सुबह 11 बजे कोई बैठक न हो, तो 90% अधिकारी दोपहर 12 बजे तक दफ्तर पहुंचते थे। शाम को भी अधिकतर अधिकारी जल्दी निकल जाते थे, और तीन बजे के बाद मंत्रालय लगभग खाली दिखाई देता था।
पिछले कुछ दिनों में स्थिति में सुधार दिखा है और अब लगभग 70% अधिकारी सुबह 10 बजे तक पहुंचने लगे हैं। Biometric Attendance लागू होने के बाद सभी अधिकारियों को तय समय पर उपस्थित होना पड़ेगा।

दिल्ली से लौटे अधिकारी ज्यादा सहज

दिल्ली डेपुटेशन से आए अधिकारी इस व्यवस्था के साथ अधिक सहज बताए जा रहे हैं। दिल्ली में सुबह 9 बजे कार्यालय पहुंचना अनिवार्य होता है और प्रवेश करते ही बायोमेट्रिक उपस्थिति लगानी पड़ती है। ऐसे में नई व्यवस्था उनके लिए कोई बड़ी चुनौती नहीं होगी।

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