Bilaspur Train Accident FIR Registered: बिलासपुर ट्रेन हादसे में पहली FIR दर्ज, जांच में लापरवाही का खुलासा, जानिए किसके खिलाफ हुआ FIR

Bilaspur Train Accident FIR Registered: छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में हुए दर्दनाक रेल हादसे में अब पुलिस ने बड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है। तोरवा थाना पुलिस ने इस हादसे के संबंध में पहली FIR दर्ज की है, जो रेलवे विभाग के मेमो के आधार पर अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ की गई है। रविवार को गतौरा स्टेशन के पास MEMU ट्रेन के मालगाड़ी से टकरा जाने की इस घटना में 12 लोगों की मौत हो गई थी और कई यात्री घायल हुए थे।

हादसे का मंजर और वायरल वीडियो

हादसा इतना भीषण था कि MEMU ट्रेन की पहली बोगी मालगाड़ी के आखिरी डिब्बे के ऊपर जा चढ़ी। सोशल मीडिया पर इस घटना के कई वीडियो वायरल हुए, जिनमें हादसे के बाद यात्रियों के बीच मची अफरा-तफरी देखी जा सकती है। एक वीडियो में यात्री ट्रेन की क्षतिग्रस्त बोगियों से कूदकर अपनी जान बचाते नजर आ रहे हैं। यह वीडियो ‘अरपा संदेश’ नामक इंस्टाग्राम अकाउंट से पोस्ट किया गया है।

मृत छात्रा के गांव में मातम

इस हादसे में जान गंवाने वालों में जांजगीर-चांपा जिले की बीएससी प्रथम वर्ष की छात्रा प्रिया चंद्रा भी शामिल थी, जो गुरु घासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय, बिलासपुर की छात्रा थी। सोमवार को प्रिया का शव उसके गृहग्राम बहेराडीह लाया गया, जहां शोक की लहर दौड़ गई। पूरे गांव ने नम आंखों से अंतिम विदाई दी। विश्वविद्यालय प्रशासन ने भी सोशल मीडिया पर प्रिया को श्रद्धांजलि दी है।

मुआवजे और सियासत की शुरुआत

रेल हादसे के बाद मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और रेल मंत्री ने संवेदना व्यक्त करते हुए मृतकों के परिजनों को ₹5 लाख और घायलों को ₹50 हजार की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की। लेकिन इस घोषणा पर कांग्रेस ने आपत्ति जताई, इसे अपर्याप्त बताया।

पीसीसी चीफ दीपक बैज ने कहा कि सरकार को मृतकों के परिवार को ₹1 करोड़ और घायलों को ₹50 लाख का मुआवजा देना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि “रेल यात्राएं आज भगवान भरोसे चल रही हैं, सरकार रेलवे सुरक्षा पर फेल रही है।”

डिप्टी सीएम अरुण साव का अस्पताल दौरा

उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने बिलासपुर के विभिन्न अस्पतालों का दौरा कर घायलों से मुलाकात की। उन्होंने डॉक्टरों से घायलों के उपचार की जानकारी ली और बेहतर इलाज के निर्देश दिए। इस दौरान उनके साथ महापौर पूजा विधानी, कलेक्टर संजय अग्रवाल, एसपी रजनेश सिंह और अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

जांच रिपोर्ट में बड़ा खुलासा

हादसे की जॉइंट फाइंडिंग रिपोर्ट सामने आ गई है, जिसमें ट्रेन के क्रू मेंबर को हादसे के लिए जिम्मेदार बताया गया है। रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि MEMU ट्रेन ने “डेंजर सिग्नल क्रॉस” किया था।

अब इस मामले की जांच कमिश्नर ऑफ रेलवे सेफ्टी (CRS) द्वारा की जाएगी, ताकि हादसे की पूरी सच्चाई सामने आ सके।

बिलासपुर रेल हादसा सिर्फ मानवीय गलती नहीं बल्कि रेलवे सुरक्षा व्यवस्था की गंभीर चूक का प्रतीक बन गया है। अब सभी की निगाहें CRS की जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं, जो तय करेगी कि इस दर्दनाक घटना के लिए आखिर कौन जिम्मेदार है।

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