बिहार हॉर्स-ट्रेडिंग मामला : जांच में तेज़ी, कई विधायकों का होगा लाई डिटेक्शन टेस्ट

बिहार की सियासत में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। विधायक हॉर्स-ट्रेडिंग केस की जांच अब निर्णायक मोड़ पर पहुँचती दिख रही है। आर्थिक अपराध इकाई (EOW) ने इस मामले में संदिग्ध नेताओं से लाई डिटेक्शन टेस्ट कराने की तैयारी शुरू कर दी है। बुधवार को EOW के डीआईजी मानवजीत सिंह ढिल्लों ने इसकी पुष्टि की। उन्होंने बताया कि अब तक कई पूर्व और वर्तमान विधायकों से पूछताछ हो चुकी है, लेकिन कुछ ने संतोषजनक जवाब नहीं दिए, जिसके चलते आगे की कार्रवाई पर विचार किया जा रहा है।

क्या है पूरा मामला?

यह विवाद 2024 में उस समय सामने आया जब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने महागठबंधन से अलग होकर NDA में वापसी की थी और विधानसभा में बहुमत भी साबित किया था। इसी दौरान जेडीयू विधायक सुधांशु शेखर ने पटना के कोतवाली थाने में एफआईआर दर्ज कराते हुए बड़ा आरोप लगाया था। उन्होंने कहा था कि आरजेडी ने उन्हें पार्टी बदलने के लिए 10 करोड़ रुपये नकद और मंत्री पद की पेशकश की थी। आरोप के मुताबिक, अगर उन्होंने यह ऑफर स्वीकार कर लिया होता तो तेजस्वी यादव के नेतृत्व में आरजेडी दोबारा सत्ता में आ सकती थी।

किन नेताओं से हुई पूछताछ?

EOW अब तक इस मामले में कई नेताओं से पूछताछ कर चुकी है। इनमें पूर्व आरजेडी विधायक बीमा भारती और भाजपा विधायक मिश्री लाल का नाम प्रमुख है। जांच अधिकारियों के अनुसार, इनके अलावा भी कई विधायकों से पूछताछ की गई है, लेकिन उनके बयानों में विरोधाभास पाया गया है। सूत्रों के मुताबिक, इस केस में बीमा भारती की मुश्किलें और बढ़ सकती हैं।

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