Bihar Bandh Update: मोदी को गाली के विरोध में NDA का शक्ति प्रदर्शन, सड़क पर उतरे कार्यकर्ता, आमजन परेशान
Bihar Bandh Update
Bihar Bandh Update: दरभंगा में महागठबंधन की वोटर अधिकार यात्रा के दौरान एक कांग्रेस नेता द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को मां की गाली देने के विरोध में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) ने गुरुवार को राज्यव्यापी बिहार बंद का आह्वान किया। इस दौरान बीजेपी, जेडीयू समेत सहयोगी दलों के कार्यकर्ता बड़ी संख्या में सड़क पर उतरे। बंद पांच घंटे तक चला।
राजधानी पटना से लेकर जिलों तक असर
पटना में डाकबंगला चौक और आयकर गोलंबर पर सुबह से ही बीजेपी और एनडीए कार्यकर्ता सड़क पर बैठे रहे। इसका असर दफ्तर जाने वालों और आम यात्रियों पर साफ दिखाई दिया। दूसरी ओर सीवान, कटिहार, औरंगाबाद, गोपालगंज, बांका, भागलपुर, मुंगेर, लखीसराय, समस्तीपुर, मधुबनी और शिवहर जैसे जिलों में भी बंद का व्यापक असर देखने को मिला। कई जगहों पर दुकानों को जबरन बंद कराया गया और सड़कों पर लंबा जाम लग गया।
रिजिजू भी फंसे जाम में
राजगीर जा रहे केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू भी बंद के दौरान बिहारशरीफ में जाम में फंस गए। हालांकि स्थानीय प्रशासन और कार्यकर्ताओं ने उन्हें थोड़ी देर बाद जाने दिया।
क्षात्रों को परीक्षा देने में आई बाधा
आरोप लग रहें है की BJP के कार्यकर्ता बिहार बंद के नाम पर रोड पर गुंडागर्दी कर रहे हैं। युवक आरोप लगा रहा है कि एक बच्ची का आज एग्जाम है और जाम में फंसी हुई है और जाने तक नहीं दे रहे हैं।
बंद के दौरान कई जगहों पर हिंसा की तस्वीरें भी सामने आई हैं।
सड़क यातायात और बाजार पर गहरा असर
कई जिलों में सड़क जाम के कारण बस और ऑटो का परिचालन प्रभावित रहा। कटिहार में पूर्व उपमुख्यमंत्री तारकिशोर प्रसाद और नगर निगम की मेयर ने टायर जलाकर विरोध दर्ज कराया। इस दौरान राहुल गांधी और तेजस्वी यादव के खिलाफ नारेबाजी भी हुई। वहीं, औरंगाबाद व टंडवा में सुबह से ही दुकानें बंद रहीं और कामकाज ठप हो गया।
गोपालगंज, मुजफ्फरपुर, दरभंगा और मधुबनी में तो हालात ऐसे रहे कि लोग घंटों जाम में फंसे रहे। खासकर ऑफिस जाने वाले कर्मचारियों और मरीजों को भारी असुविधा हुई।
बंद के दौरान एक वीडियो भी सामने आया, जिसमें भाजपा महिला कार्यकर्ता एक शिक्षिका से झड़प करते हुए दिख रही हैं। महिला शिक्षिका वीडियो में साफ कहती नजर आ रही हैं— “मुझे स्कूल जाने नहीं दिया जा रहा”। इस घटना ने बंद की मंशा और तौर-तरीकों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
कुछ जगहों पर मिला-जुला असर
अररिया और पूर्णिया जैसे जिलों में बंद का असर सीमित रहा। वहां बाजारों में कुछ दुकानें ही बंद दिखीं और परिवहन सेवाएं लगभग सामान्य रहीं।
कानून-व्यवस्था पर दबाव
मुंगेर, समस्तीपुर और सीतामढ़ी में एनडीए नेताओं और कार्यकर्ताओं ने जुलूस निकालकर सड़कें जाम कर दीं। कई जगहों पर महिला कार्यकर्ता भी बड़ी संख्या में सड़क पर उतरीं। पुलिस-प्रशासन ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए थे, लेकिन कई शहरों में लंबा जाम हटाने में उन्हें मुश्किलें झेलनी पड़ीं।
बिहार बंद का असर पूरे राज्य में अलग-अलग जगहों पर अलग तरीके से दिखा। कहीं दुकानों और बाजारों में पूरी तरह सन्नाटा रहा तो कहीं इसका असर सीमित दिखा। लेकिन एक बात साफ रही कि इस विरोध के चलते आम जनता को घंटों सड़क जाम और बाजार बंद का खामियाजा भुगतना पड़ा।
