नालंदा में भूपेश बघेल का BJP-नीतीश सरकार पर हमला: कहा— बिहार में अब ‘सुशासन’ नहीं, ‘अपराधियों का शासन’ चल रहा है
नालंदा। छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने शुक्रवार को नालंदा जिले के रहुई प्रखंड के खिरौना गांव में आयोजित विशाल जनसभा में बिहार सरकार और भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि बिहार में अब सुशासन नहीं, बल्कि अपराधियों का शासन चल रहा है।
बघेल ने आरोप लगाया कि नीतीश कुमार सिर्फ नाम के मुख्यमंत्री हैं, जबकि सत्ता की असली डोर BJP के हाथ में है।
“पटेल ने देश को जोड़ा, BJP बांटने में लगी है”
सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती के अवसर पर आयोजित इस सभा में बघेल ने कहा—
“पटेल ने देश को एकजुट किया था, लेकिन आज बिहार में सरकार जनता को बांटने और डराने का काम कर रही है।”
मोकामा हत्याकांड पर नीतीश सरकार को घेरा
बघेल ने हाल ही में मोकामा विधानसभा क्षेत्र में जन सुराज पार्टी समर्थक दुलारचंद यादव की हत्या का जिक्र करते हुए सरकार की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा—
“चुनाव की प्रक्रिया पूरी भी नहीं हुई और अपराधियों ने खुलेआम हत्या कर दी। सरकार चुप है— ये कैसी सुशासन सरकार है?”
उन्होंने यह भी पूछा कि मुख्य आरोपी पर अब तक कार्रवाई क्यों नहीं हुई, जबकि राज्य सरकार “कानून के राज” की बात करती है।
“BJP नीतीश के कंधे पर बंदूक रखकर चला रही सरकार”
भूपेश बघेल ने नीतीश कुमार और BJP के रिश्तों पर तंज कसते हुए कहा—
“BJP वाले नीतीश कुमार के कंधे पर बंदूक रखकर सरकार चला रहे हैं। 14 नवंबर के बाद यही लोग उन्हें दूध में पड़ी मक्खी की तरह निकाल फेंकेंगे।”
उन्होंने कहा कि BJP अपने हित के लिए दूसरों को कठपुतली बना रही है, लेकिन अब बिहार की जनता सब समझ चुकी है।
निर्वाचन आयोग पर भी उठाए सवाल
बघेल ने बिहार निर्वाचन आयोग की भूमिका पर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा—
“राज्य में हिंसा और अपराध बढ़ रहे हैं, लेकिन आयोग मूकदर्शक बना हुआ है। उसकी जिम्मेदारी है कि चुनाव के दौरान अमन-चैन बनाए रखे, पर वह अपनी भूमिका निभाने में नाकाम है।”
महागठबंधन प्रत्याशी को समर्थन की अपील
सभा के दौरान बघेल ने महागठबंधन प्रत्याशी उमैयर खान के पक्ष में समर्थन की अपील की और कहा कि—
“बिहार को बदलाव की जरूरत है और यह बदलाव सिर्फ महागठबंधन ही ला सकता है।”
सभा में भारी भीड़ जुटी और “उमैयर खान जिंदाबाद” तथा “भूपेश बघेल अमर रहें” के नारे गूंजते रहे।
सभा बनी सियासी रणभूमि
सरदार पटेल की जयंती के मौके पर शुरू हुई यह सभा धीरे-धीरे राजनीतिक रंग में बदल गई।
भूपेश बघेल के तीखे बयानों से बिहार की राजनीति में नई हलचल मच गई है— खासकर उस समय जब चुनावी प्रचार अपने चरम पर है।
अंत में बघेल ने कहा—
“बिहार का भविष्य तभी उज्जवल होगा, जब जनता डर और अन्याय की राजनीति से बाहर निकलकर सच्चे बदलाव के लिए एकजुट होगी।”
