भोपाल गैस त्रासदी की 41वीं बरसी: पीड़ितों का आक्रोश तेज, आयोग गठन की मांग उठी
भोपाल गैस त्रासदी
भोपाल गैस त्रासदी की 41वीं बरसी (2-3 दिसंबर 1984) पर मंगलवार को राजधानी में मशाल जुलूस, मोमबत्ती रैली और श्रद्धांजलि सभाओं के साथ पीड़ितों को याद किया गया। इस दौरान संगठनों और कार्यकर्ताओं ने पीड़ितों को चिकित्सा सुविधा, मुआवजा और पुनर्वास उपलब्ध कराने के लिए एक सशक्त आयोग (Empowered Commission) बनाने की जोरदार मांग उठाई। कई समूहों ने आरोप लगाया कि मध्य प्रदेश सरकार गैस पीड़ितों के मुद्दों पर “निष्क्रिय” रही है।
भोपाल में श्रद्धांजलि कार्यक्रम, सरकारी अवकाश घोषित
भोपाल गैस त्रासदी की बरसी पर शहर में अलग-अलग स्थानों पर मशाल और मोमबत्ती जुलूस निकाले गए। राज्य सरकार ने 3 दिसंबर (बुधवार) को राजधानी में अवकाश घोषित कर दिया है। स्कूल, कॉलेज, बैंक और सरकारी कार्यालय बंद रहेंगे। केंद्रीय पुस्तकालय के बरकतुल्लाह भवन में सर्वधर्म प्रार्थना सभा का आयोजन किया गया, जिसमें मंत्री विजय शाह शामिल होंगे।
‘सर्वधर्म सभा’ पर सवाल, सरकार पर लापरवाही के आरोप
‘भोपाल ग्रुप फॉर इन्फॉर्मेशन एंड एक्शन’ की रचना ढींगरा ने PTI से बातचीत में प्रार्थना सभा की आलोचना की। उन्होंने कहा—“यह सिर्फ पाखंड है। भोपाल गैस त्रासदी पीड़ित अभी भी मर रहे हैं और उन्हें उचित इलाज नहीं मिल रहा।” “गैस राहत अस्पतालों में डॉक्टरों की कमी है, रोजगार और पेंशन के लिए मिले फंड का दुरुपयोग हो रहा है।” “जहरीला कचरा अब तक नहीं हटाया गया और दोषी खुलेआम घूम रहे हैं।”
उन्होंने सरकार से कहा कि अगर वह वास्तव में पीड़ितों की परवाह करती है तो एक शक्तिशाली आयोग का गठन कर उचित इलाज, पुनर्वास और मुआवजा सुनिश्चित करे।
जुलूस, पुतला दहन और श्रद्धांजलि कार्यक्रम
संभावना ट्रस्ट क्लिनिक ने चोला गणेश मंदिर से मशाल जुलूस निकाला और भोपाल गैस त्रासदी गैस पीड़ितों को श्रद्धांजलि दी। कार्यकर्ताओं ने यूनियन कार्बाइड की वर्तमान मालिक कंपनी डाउ केमिकल का पुतला भी फूंका। क्लिनिक अधिकारियों के अनुसार अब तक 26,000 से अधिक गैस पीड़ितों का उपचार यहाँ किया जा चुका है। ‘भोपाल गैस पीड़ित औद्योगिक संघर्ष संगठन’ ने भी शाहजहानी पार्क से मशाल यात्रा निकाली।
भोपाल मेमोरियल हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर में मोमबत्ती जुलूस आयोजित किया गया, जिसमें डॉक्टर अनुराग यादव समेत अस्पताल स्टाफ मौजूद रहा। यह संस्थान सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर गैस पीड़ितों के लिए त्रि-स्तरीय सुपर-स्पेशियलिटी सेवाएँ उपलब्ध कराता है।
भाजपा पर आरोप, पार्टी का पलटवार
सोमवार को गैस पीड़ितों के लिए काम करने वाले चार संगठनों ने भाजपा के खिलाफ ‘भोपाल पीड़ितों का चार्जशीट’ जारी किया। उनका आरोप है कि केंद्र और राज्य में सत्ता में होने के बावजूद भाजपा ने “अमेरिकी कंपनियों के हित में काम किया, न कि भारतीय नागरिकों के लिए”। भाजपा ने इन आरोपों को सख्ती से खारिज करते हुए कहा कि पार्टी की सरकार ने गैस पीड़ितों से जुड़े हर मुद्दे—कानूनी, स्वास्थ्य या पुनर्वास—को हमेशा प्राथमिकता दी है।
