भिलाई IIT छात्र सौमिल साहू की मौत.. स्टूडेंट्स में गुस्सा, परिजन बोले-दवा का ओवरडोज दिया

भिलाई IIT में बीटेक प्रथम सेमेस्टर के छात्र सौमिल साहू की मौत के बाद संस्थान के छात्रों में गहरा आक्रोश है। छात्रों ने IIT प्रबंधन और पुलिस प्रशासन पर लापरवाही के गंभीर आरोप लगाए हैं। सौमिल के परिजनों और सहपाठियों में इस बात को लेकर भी रोष है कि उन्हें सौमिल के दोस्तों से मिलने की अनुमति क्यों नहीं दी गई। परिजनों का कहना है कि सौमिल के पिता और अन्य रिश्तेदारों को सहपाठियों से मिलने से रोका गया, और पुलिस ने उनका करीब 50 किलोमीटर तक पीछा किया। इस बीच, IIT भिलाई के बीटेक छात्रों के व्हाट्सएप ग्रुप का एक चैट वायरल हो रहा है, जिसमें प्रबंधन की खामियों और सौमिल के इलाज में बरती गई लापरवाही का जिक्र है। सौमिल के जीजा ने दावा किया कि डॉक्टर ने उसे ओवरडोज दिया, जिससे उसकी मौत हुई।

 

छात्रों का व्हाट्सएप ग्रुप बना चर्चा का केंद्र

जब पूरा IIT प्रशासन दीक्षांत समारोह की तैयारियों में व्यस्त था, सौमिल की तबीयत बिगड़ने से उसके दोस्त चिंतित थे। हालत खराब होने पर दोस्त उसे तुरंत हेल्थ सेंटर ले गए। इस दौरान छात्र व्हाट्सएप ग्रुप पर मिनट-दर-मिनट अपडेट शेयर करते रहे। चैट में हेल्थ सेंटर की कमियों और घटना का पूरा विवरण सामने आया।

 

वायरल चैट में छात्रों के गंभीर आरोप

1. मेडिकल उपकरणों में खराबी: ऑक्सीमीटर, हार्ट रेट मापने की मशीन और ऑक्सीजन सिलेंडर—तीनों खराब थे। एक में बैटरी नहीं थी, दूसरा काम नहीं कर रहा था, और तीसरे को शुरू करने के लिए रिंच की जरूरत थी। ऑक्सीजन मास्क भी उपलब्ध नहीं था।

2. परिजनों को सहपाठियों से मिलने से रोका: सौमिल के माता-पिता और परिजनों को उनके रूममेट्स और अन्य छात्रों से मिलने की अनुमति नहीं दी गई। पुलिस ने उनका 50 किलोमीटर तक पीछा किया, जिसकी पुष्टि परिजनों ने की।

3. अयोग्य स्टाफ: हेल्थ सेंटर में मौजूद व्यक्ति के पास कोई मेडिकल डिग्री नहीं थी। वह केवल पांचवीं पास था और पहले डायरेक्टर का ड्राइवर था।

 

छात्रों का गुस्सा

छात्रों ने चैट में साफ कहा कि यह सिस्टम पूरी तरह भ्रष्ट है और सौमिल की मौत हत्या है। उनका आरोप है कि हेल्थ सेंटर में सौमिल चार बार गया, लेकिन केवल एक बार डॉक्टर मिला, जिसने बिना जांच के पैरासिटामोल और ORS दे दिया। सुबह जब वह हेल्थ सेंटर गया, तब केवल एक नर्स थी, कोई डॉक्टर नहीं।

 

परिजनों का दावा: “मैनेजमेंट की कहानी और हकीकत अलग”

सौमिल के जीजा कमलेश साहू ने कहा कि मैनेजमेंट की कहानी और हकीकत में अंतर है। मैनेजमेंट का दावा है कि सौमिल को अस्पताल ले जाया गया और 11:49 बजे मृत घोषित किया गया। लेकिन कमलेश के अनुसार, सौमिल ने नाश्ता किया, फिर उल्टी हुई, और उल्टी से कोई मरता नहीं। उन्होंने ओवरडोज और मेडिकल सुविधाओं की कमी को मौत का कारण बताया।

 

एक महीने पहले उठाई थी मेडिकल सुविधाओं की शिकायत

छात्रों ने एक महीने पहले ही मीटिंग में हेल्थ सेंटर की खामियों को उठाया था, लेकिन प्रबंधन ने कोई कदम नहीं उठाया। कमलेश ने कहा, “हमारा बच्चा चला गया, लेकिन 1500 अन्य बच्चों का क्या? दोषियों को सजा मिलनी चाहिए।”

 

PM रिपोर्ट में मौत का कारण अस्पष्ट

सौमिल की मौत का सटीक कारण अभी तक पता नहीं चला है। शॉर्ट पोस्टमॉर्टम में भी वजह साफ नहीं हुई। बिसरा जांच के लिए भेजा गया है। पोस्टमॉर्टम में सौमिल के सिर पर दाईं ओर हल्की चोट और सूजन के निशान मिले, लेकिन यह चोट कैसे लगी, इसका पता नहीं चला। विसरा रिपोर्ट से ही मौत का कारण स्पष्ट होगा।

 

IIT प्रबंधन का जवाब

IIT प्रबंधन ने कहा कि उन्होंने मामले को गंभीरता से लिया है और SP को पत्र लिखकर जांच की मांग की है। एक फैक्ट-फाइंडिंग कमेटी बनाई गई है, जिसमें AIIMS के डॉक्टर और छात्र प्रतिनिधि शामिल हैं।

 

11 नवंबर को हुई थी सौमिल की मौत

सौमिल साहू मध्य प्रदेश के नर्मदापुरम का निवासी था और भिलाई IIT में इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग का छात्र था। 11 नवंबर 2025 को सुबह करीब 10:30 बजे उसकी तबीयत बिगड़ी। उसे सुपेला के स्पर्श अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

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