Bastar Waterfalls News: बारिश में निखरी बस्तर की वादियां बनीं खतरनाक, जलप्रपातों में चार पर्यटकों की मौत, सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

Bastar Waterfalls News

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बस्तर। Bastar Waterfalls News: बारिश के मौसम में बस्तर की वादियां जैसे स्वर्ग का नज़ारा पेश करती हैं। यहां के जलप्रपात – चित्रकोट, तीरथगढ़, मिनी गोवा और मेंद्री घूमड़ – हर साल बड़ी संख्या में पर्यटकों को आकर्षित करते हैं। मगर इसी खूबसूरती के बीच जानलेवा खतरा भी छिपा हुआ है। तेज बहाव, फिसलन और कमजोर सुरक्षा प्रबंधों के कारण इस वर्ष अब तक चार पर्यटकों की जान जा चुकी है, जिससे प्रशासन की तैयारियों पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं।

अब तक चार मौतें, सुरक्षा के दावों की खुली पोल

जानकारी के मुताबिक, इस वर्ष बारिश के सीजन में बस्तर के जलप्रपातों में चार पर्यटकों की जान चली गई है। मिनी गोवा में एक युवक की डूबने से मौत हुई, तीरथगढ़ में एक महिला पर्यटक की फिसलकर गिरने से जान गई और मेंद्री घूमड़ में एक युवक और एक युवती बहाव में बह गए।

हर साल प्रशासन की ओर से सुरक्षा के पुख्ता इंतजामों के दावे किए जाते हैं, लेकिन हादसों का सिलसिला इन दावों की पोल खोलता दिख रहा है।

जलप्रपातों के सौंदर्य में छिपा खतरा

चित्रकोट जलप्रपात को ‘भारत का नियाग्रा’ कहा जाता है, तो वहीं तीरथगढ़ जलप्रपात को ‘बस्तर की जान’ माना जाता है। बारिश के समय इन झरनों का प्रवाह कई गुना बढ़ जाता है, जिससे यहां खतरा और भी बढ़ जाता है। आकर्षक फोटो और रील्स बनाने के चक्कर में कई पर्यटक असुरक्षित इलाकों में पहुंच जाते हैं और हादसे का शिकार हो जाते हैं।

पुलिस और प्रशासन का दावा – “सतर्क हैं, तैनात हैं बल”

बस्तर एएसपी ने बताया कि मॉनसून को देखते हुए सभी जलप्रपातों और उफनती धाराओं पर सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं। स्थानीय थानों और पुलिस चौकियों को सतर्क कर दिया गया है। साथ ही सख्त निर्देश दिए गए हैं कि किसी भी पर्यटक को जलप्रपात के बेहद करीब न जाने दिया जाए।

लेकिन सवाल बना हुआ है – क्या ये इंतजाम पर्याप्त हैं?

हादसों की संख्या और घटनाओं के तरीके ये दर्शाते हैं कि सुरक्षा मानकों में अब भी गंभीर खामियां हैं। चेतावनी बोर्ड, बैरिकेडिंग, गार्ड्स की तैनाती और जागरूकता अभियानों की कमी इन मौतों के पीछे बड़ी वजह मानी जा रही है।

सावधानी ही बचाव

प्रशासन के साथ-साथ पर्यटकों की भी जिम्मेदारी बनती है कि वे चेतावनियों को नजरअंदाज न करें। तेज बहाव, फिसलन वाले पत्थर और गहराई वाले जल क्षेत्र में जाने से बचें।

बारिश में बस्तर की खूबसूरती अपने चरम पर होती है, लेकिन जरा-सी लापरवाही इस खूबसूरती को हादसे में बदल सकती है। जरुरत है सतर्कता की – पर्यटकों के भी और प्रशासन के भी।

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