बस्तर ओलंपिक 2025 का भव्य समापन कार्यक्रम: 3550 खिलाड़ियों ने लिया भाग, शाह बोले—’खेलो इंडिया ट्राइबल के लिए छत्तीसगढ़ को चुना गया’

बस्तर ओलंपिक 2025

बस्तर ओलंपिक 2025

रायपुर: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह शुक्रवार को छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग के दौरे पर जगदलपुर पहुंचे है । वे बस्तर ओलंपिक 2025 के समापन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। कार्यक्रम की शुरुआत राष्ट्रगीत और राजगीत के साथ हुई, जिसके बाद अमित शाह ने दीप प्रज्वलन कर समापन समारोह का शुभारंभ किया।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह, उपमुख्यमंत्री अरुण साव, उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा, मंत्री केदार कश्यप, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव और सांसद महेश कश्यप सहित कई मंत्री एवं जनप्रतिनिधि मंच पर मौजूद हैं।

बस्तर ओलंपिक में दिखा खेल और बदलाव का संगम

बस्तर ओलंपिक 2025 में संभाग के 7 जिलों से 3550 खिलाड़ियों ने भाग लिया है। इस आयोजन में कुल 11 खेलों को शामिल किया गया। खास बात यह रही कि 700 से अधिक आत्मसमर्पित नक्सली भी खिलाड़ियों के रूप में ओलंपिक में शामिल हुए, जो ओलंपिक को लेकर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं।

खेल जगत की दिग्गज हस्तियों की मौजूदगी

अंतरराष्ट्रीय मुक्केबाज एमसी मैरीकॉम के बाद अब अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल खिलाड़ी बाइचुंग भूटिया भी जगदलपुर पहुंचे हैं। उन्होंने खिलाड़ियों से मुलाकात की और बस्तर ओलंपिक में शामिल होकर खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाया।

अमित शाह का बड़ा ऐलान: 31 मार्च 2026 तक नक्सलवाद का अंत

समारोह को संबोधित करते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि केंद्र सरकार ने संकल्प लिया है कि 31 मार्च 2026 तक पूरे भारत को नक्सलवाद से मुक्त कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि वे स्वयं नवंबर 2026 में फिर बस्तर आएंगे और तब तक यह लक्ष्य पूरा हो चुका होगा।

अमित शाह ने कहा कि कांकेर, कोंडागांव, बस्तर, सुकमा, बीजापुर, नारायणपुर और दंतेवाड़ा—ये 7 जिले वर्ष 2030 तक देश के विशिष्ट जिले बनेंगे। अगले पांच वर्षों में बस्तर को देश का सबसे विकसित संभाग बनाया जाएगा।

विकास, पुनर्वास और रोजगार पर जोर

गृह मंत्री ने कहा कि बस्तर में वनोपज के प्रोसेसिंग के लिए नई यूनिट्स लगाई जाएंगी। नक्सलवाद छोड़कर मुख्यधारा में लौटने वालों के लिए सुंदर और सुरक्षित पुनर्वास नीति लागू की जाएगी।

उन्होंने नक्सल संगठनों में शामिल युवाओं और बच्चों से अपील की कि वे हिंसा का रास्ता छोड़कर वापस लौटें और सम्मानजनक जीवन जिएं।

बस्तर अब भय नहीं, विकास की पहचान

अमित शाह ने कहा कि अब बस्तर डर का नहीं बल्कि विकास का प्रतीक बन रहा है। आने वाले समय में बस्तर के खिलाड़ी कॉमनवेल्थ गेम्स में देश का प्रतिनिधित्व करेंगे। उन्होंने बताया कि खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स के लिए छत्तीसगढ़ को चुना गया है, जो बस्तर के लिए गर्व की बात है।

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