बस्तर में बढ़ते आत्मसमर्पण से बौखलाए माओवादी: अपने ही साथियों को बताया ‘गद्दार’
जगदलपुर। बस्तर में माओवादियों के लगातार आत्मसमर्पण से नक्सल संगठन की बौखलाहट अब साफ तौर पर सामने आने लगी है। अपने कमजोर पड़ते जनाधार और घटते मनोबल को बचाने के लिए माओवादी संगठन अब प्रचार का नया तरीका अपना रहा है।
पश्चिम बस्तर डिवीजन कमेटी की ओर से जारी एक प्रेस नोट और गोंडी भाषा में वीडियो के माध्यम से माओवादियों ने आत्मसमर्पण करने वाले अपने ही साथियों को ‘गद्दार’ बताया है। वीडियो में गीत के जरिए उन्होंने भावनात्मक प्रचार करने की कोशिश की है, ताकि जंगल में मौजूद उनके बाकी सदस्य प्रभावित न हों।
सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि यह वीडियो और प्रेस नोट माओवादियों की हताशा और अंदरूनी टूट का संकेत है। आत्मसमर्पण करने वाले सदस्यों की लगातार बढ़ती संख्या से संगठन की जड़ें हिल गई हैं। अब यह प्रचार अभियान केवल उनके कमजोर पड़ते मनोबल को छिपाने की कोशिश है।
प्रेस नोट में माओवादी कमलू नामक सदस्य पर आरोप लगाया गया है कि उसने संगठन के दो लाख रुपए लेकर फोर्स के सामने आत्मसमर्पण किया। हालांकि, माओवादियों का यह आरोप संगठन के भीतर अविश्वास और आपसी मतभेद को उजागर करता है।
विशेष बात यह है कि प्रेस नोट में किसी प्रवक्ता का नाम नहीं दिया गया है, जिससे यह साफ संकेत मिलता है कि संगठन अब पहले जैसी मजबूत स्थिति में नहीं है।
