दंतेवाड़ा में पत्रकार की गिरफ्तारी पर बवाल, बस्तर के पत्रकारों ने दिया मौन धरना
दंतेवाड़ा। छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले में एक विवादित मामले को लेकर सोमवार को बस्तर संभाग के पत्रकारों ने मौन धरना देकर विरोध जताया। पत्रकार साथी की गिरफ्तारी से नाराज पत्रकार संगठनों ने मुख्यमंत्री के नाम कलेक्टर को ज्ञापन सौंपते हुए न्यायिक जांच की मांग की है।
यह मामला गीदम थाना क्षेत्र का है, जहां एक अनियंत्रित ट्रैक्टर द्वारा स्कूटी को टक्कर मारने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। इस घटना में स्कूटी सवार पत्रकार के पिता और उनकी दो साल की बेटी बाल-बाल बच गए। घटना के बाद ट्रैक्टर चालक के साथ मारपीट का एक और वीडियो भी सामने आया, जिससे मामला और गरमा गया।
पत्रकार रौनक शिवहरे की गिरफ्तारी
पुलिस ने कार्रवाई करते हुए रौनक शिवहरे और उनके परिजनों के खिलाफ मारपीट की धाराओं के साथ एट्रोसिटी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया और उन्हें गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया। वहीं ट्रैक्टर चालक पर भी लापरवाही से वाहन चलाने का मामला दर्ज किया गया है।
बस्तर संभाग में विरोध
जगदलपुर सहित बस्तर संभाग के सातों जिलों में पत्रकारों ने मौन धरना दिया। धरने के बाद पत्रकारों ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर पूरे मामले की निष्पक्ष न्यायिक जांच की मांग की।
पत्रकार संघ के अनुसार, 6 तारीख को गीदम नगर में हुई इस घटना में ट्रैक्टर चालक की लापरवाही से बड़ा हादसा हो सकता था। पत्रकारों ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और पत्रकार व उनके परिवार पर दर्ज प्रकरण को निरस्त किया जाए।
इस घटना को लेकर पूरे बस्तर में पत्रकारों में आक्रोश देखा जा रहा है और सभी ने न्याय की मांग की है।

