प्लेन में कभी इंजन फेल, कभी AC खराब,कभी नशे में पायलट… भारतीय एविएशन सेक्टर में आखिर चल क्या रहा है?
नई दिल्ली: भारतीय एविएशन इंडस्ट्री इन दिनों कुछ ऐसी घटनाओं से गुजर रही है, जिन्हें देखकर सवाल उठना लाजिमी है—आखिर फ्लाइट में यात्री सुरक्षित सफर करें या हर उड़ान से पहले नई मुसीबत की उम्मीद रखें? कहीं इंजन में तकनीकी खराबी सामने आ रही है, कहीं रनवे में दिक्कत के कारण उड़ानें रुक रही हैं तो कहीं विमान के अंदर AC तक जवाब दे रहा है।
हाल के दिनों में सामने आई कई घटनाओं ने एयरलाइंस के मेंटेनेंस, सेफ्टी प्रोटोकॉल और ऑपरेशनल तैयारियों पर बहस छेड़ दी है। यानी टिकट लेकर यात्री विमान में बैठता है तो उम्मीद होती है कि मंजिल तक सुरक्षित पहुंचेगा, लेकिन खबरों का सिलसिला कुछ और ही कहानी सुना रहा है। आइए जानते हैं हाल में विमानन क्षेत्र से जुड़े प्रमुख मामले।
Indigo Flight: लैंडिंग से पहले इंजन में आई खराबी
कोलकाता से चेन्नई जा रही IndiGo की फ्लाइट 6E-723 में लैंडिंग से कुछ समय पहले बाएं इंजन में तकनीकी समस्या सामने आई। विमान में कुल 224 यात्री और क्रू सदस्य सवार थे। पायलट की ओर से जानकारी दिए जाने के बाद चेन्नई एयरपोर्ट पर रात करीब 11:29 बजे पूर्ण आपात स्थिति घोषित की गई। इसके कुछ मिनट बाद विमान ने रनवे 25 पर सुरक्षित लैंडिंग कर ली। गनीमत रही कि इस घटना में सभी यात्री और क्रू सुरक्षित रहे। लेकिन सवाल वही है—तकनीकी खराबियां आखिर बार-बार सामने क्यों आ रही हैं?
वाराणसी एयरपोर्ट पर करीब दो घंटे थमी उड़ानों की रफ्तार
तकनीकी दिक्कत का असर वाराणसी एयरपोर्ट पर भी देखने को मिला। मंगलवार को रनवे में समस्या सामने आने के बाद करीब दो घंटे तक उड़ानों का संचालन प्रभावित रहा। इस दौरान न तो विमानों की लैंडिंग हो सकी और न ही उड़ानें सामान्य रूप से संचालित हो पाईं। एयरपोर्ट अथॉरिटी के मुताबिक समस्या का समय रहते पता चल गया और जांच के बाद आवश्यक सुधार किया गया। यानी यहां भी राहत की बात यही रही कि खामी हादसे में बदलने से पहले पकड़ ली गई।
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SpiceJet Flight में AC खराब, यात्रियों का पारा चढ़ा
अब जरा विमान के अंदर की गर्मी पर आइए। दिल्ली से पुणे जाने वाली SpiceJet की फ्लाइट में उड़ान भरने से पहले AC में खराबी आ गई। विमान के अंदर गर्मी से परेशान यात्रियों ने नाराजगी जताई। घटना से जुड़े वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आए, जिनमें यात्रियों को हंगामा करते देखा गया। सवाल यह है कि जब विमान उड़ान भरने से पहले ही AC की समस्या बता रहा था तो यात्रियों को परेशानी में बैठाने के बजाय समस्या का समाधान पहले क्यों नहीं किया गया?
Air India Flight: अचानक 300 फीट नीचे आया विमान
सबसे गंभीर मामलों में से एक फुकेट से दिल्ली आ रही Air India की फ्लाइट AI 2379 से जुड़ा है। रिपोर्ट के मुताबिक उड़ान के दौरान विमान की ऊंचाई में अचानक करीब 300 फीट की कमी आई। विमान में 137 यात्री सवार थे और घटना के दौरान कई यात्रियों के घायल होने की जानकारी सामने आई। शुरुआती तौर पर इसे टर्बुलेंस से जोड़कर देखा गया, हालांकि बाद में विमान की ऊंचाई में अचानक बदलाव की बात कही गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए Aircraft Accident Investigation Bureau (AAIB) ने जांच शुरू की।
पायलट के टेस्ट को लेकर भी उठे गंभीर सवाल
इस घटना ने तब और गंभीर रूप ले लिया जब रिपोर्ट्स में पायलट-इन-कमांड के साइकोएक्टिव सब्सटेंस टेस्ट का जिक्र सामने आया। शुरुआती टेस्ट में कथित तौर पर पॉजिटिव रिजल्ट आने के बाद सैंपल को दूसरी लैब में जांच के लिए भेजे जाने की बात कही गई। दूसरी जांच में भी कथित तौर पर कैनाबिस/गांजा सेवन की पुष्टि होने की रिपोर्ट सामने आई है। हालांकि मामले में अंतिम निष्कर्ष और जिम्मेदारी तय करना जांच एजेंसियों का काम है। घटना के दौरान विमान की कमान को-पायलट द्वारा संभाले जाने और विमान को सुरक्षित दिल्ली उतारने की जानकारी भी सामने आई है। अगर जांच में लापरवाही या नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होती है तो यह मामला सिर्फ एक फ्लाइट की घटना नहीं, बल्कि एयरलाइन सेफ्टी सिस्टम पर बड़ा सवाल बन सकता है।
Jewar Airport पर बारिश ने खोली दूसरी तस्वीर
तकनीकी परेशानियों के बीच मौसम भी एविएशन सेक्टर की परीक्षा ले रहा है। भारी बारिश के बाद Noida International Airport (Jewar Airport) के एक हिस्से में जलभराव की स्थिति सामने आई। टर्मिनल और पार्किंग क्षेत्र को जोड़ने वाले मार्ग के पास पानी जमा होने से आवाजाही प्रभावित हुई। एयरपोर्ट अथॉरिटी के मुताबिक कम समय में हुई तेज बारिश के कारण यह स्थिति बनी। हालांकि एयरपोर्ट टीमों ने तुरंत कार्रवाई शुरू की और करीब 30 मिनट में पानी की निकासी कर रास्ते को सामान्य कर दिया।
सवाल सिर्फ फ्लाइट का नहीं, भरोसे का भी है
एक के बाद एक सामने आ रही घटनाओं को अलग-अलग देखें तो हर मामले की अपनी वजह है—कहीं तकनीकी खराबी, कहीं मौसम, कहीं ऑपरेशनल समस्या। लेकिन जब ऐसी घटनाएं लगातार सुर्खियां बनने लगें तो यात्रियों का सवाल स्वाभाविक है। इंजन से लेकर AC और रनवे से लेकर पायलट की जांच तक… आखिर एविएशन सेक्टर की सुरक्षा व्यवस्था कितनी तैयार है? हवाई सफर को देश में सबसे सुरक्षित परिवहन माध्यमों में गिना जाता है। इसलिए हर छोटी-बड़ी खामी को गंभीरता से लेना जरूरी है। यात्रियों को सिर्फ सुरक्षित लैंडिंग नहीं, बल्कि पूरे सफर के दौरान भरोसे और सुरक्षा का एहसास भी चाहिए। अब नजर AAIB और संबंधित विमानन नियामक की जांच पर है कि इन घटनाओं में वास्तविक कारण क्या थे और जिम्मेदारी किसकी तय होती है।
