पत्रकारों पर जानलेवा हमला: किसानों की शिकायत पर न्यूज़ कवरेज करने पहुंचे थे धान खरीदी केंद्र, FIR दर्ज
पत्रकारों पर जानलेवा हमला
सारंगढ़: जिले के धान खरीदी केंद्र लेंधरा (छोटे) में पत्रकारों पर हुए जानलेवा हमले की घटना ने पूरे जिले को झकझोर कर रख दिया है। किसानों की ओर से धान खरीदी में अनियमितता और दुर्व्यवहार की शिकायत मिलने पर पत्रकार मौके पर कवरेज के लिए पहुंचे थे, जहां उनके साथ बेरहमी से मारपीट और लूटपाट की गई।
लाइट और CCTV बंद कर रची गई साजिश
पीड़ित पत्रकारों के अनुसार, जैसे ही शाम के समय किसानों को तौल रोकने का बहाना बनाकर केंद्र से भगा दिया गया, अचानक मंडी की लाइट और सीसीटीवी कैमरे बंद कर दिए गए। इसके बाद फड़ प्रभारी, कंप्यूटर ऑपरेटर समेत 20–25 नकाबपोश लोगों ने पत्रकारों पर लाठी-डंडों से हमला कर दिया।
मोबाइल, पर्स और आईडी लूटी
हमले के दौरान पत्रकारों के साथ न केवल मारपीट की गई, बल्कि उनके मोबाइल फोन, पर्स और प्रेस आईडी भी लूट ली गई। घायल पत्रकारों में केशव वैष्णव और कमल सिंह यादव शामिल हैं। दोनों ने कोसीर थाना में अपराध दर्ज कराया है।
धान खरीदी में गंभीर अनियमितताओं का आरोप
किसानों ने आरोप लगाया है कि केंद्र में तय सीमा 40,600 क्विंटल के बजाय लगभग 41,500 क्विंटल धान की खरीदी की गई। सामान्य किसानों को घंटों लाइन में खड़ा रखा जाता है, जबकि प्रभावशाली लोगों को घर से तौल कर धान लाने की सुविधा दी जा रही है। विरोध करने पर किसानों से गाली-गलौच की जाती है।
Read more : शूटिंग में छत्तीसगढ़ का 25 साल का इंतजार खत्म, प्रांजु सोमानी ने दिलाए 2 गोल्ड सहित 4 पदक
राजनीतिक रसूख का दावा, अवैध वसूली का आरोप
पत्रकारों का आरोप है कि फड़ प्रभारी और ऑपरेटर खुद को राजनीतिक पार्टी से जुड़ा बताकर पहले भी अवैध वसूली का दबाव बना चुके हैं। सच्चाई उजागर होने के डर से ही यह हमला किया गया।
लोकतंत्र और प्रेस की स्वतंत्रता पर हमला
इस घटना को लेकर पत्रकार संगठनों और आम जनता में भारी आक्रोश है। लोगों का कहना है कि यह हमला सिर्फ पत्रकारों पर नहीं, बल्कि लोकतंत्र, संविधान और अभिव्यक्ति की आज़ादी पर सीधा हमला है।
पुलिस जांच में जुटी, गिरफ्तारी का आश्वासन
पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। प्रशासन का कहना है कि सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की जल्द पहचान कर गिरफ्तारी की जाएगी।
