सहायक शिक्षक सीधी भर्ती विवाद : अब नई भर्ती परीक्षा का सुझाव… न्यायालय ने भी खारिज की याचिकाएं
रायपुर : छत्तीसगढ़ में स्कूल शिक्षा विभाग की सहायक शिक्षक सीधी भर्ती 2023 का मामला एक बार फिर विवादों में घिर गया है। एक ओर अभ्यर्थी आंदोलनरत हैं और छठवें चरण की सूची जारी करने की मांग कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर उच्च न्यायालय और सर्वोच्च न्यायालय के बार-बार आए आदेशों के कारण सरकार के हाथ बंधे हुए हैं। अब विशेषज्ञों और शिक्षाविदों का मानना है कि इस मुद्दे का स्थायी हल तभी निकल सकता है, जब विभाग पुरानी भर्ती प्रक्रिया को पूरी तरह समाप्त कर नई भर्ती परीक्षा आयोजित करे, जिसमें पुराने और नए दोनों अभ्यर्थियों को समान अवसर मिल सके।
भर्ती प्रक्रिया का पूरा इतिहास
यह सिलसिला 4 मई 2023 को शुरू हुआ, जब स्कूल शिक्षा विभाग ने सहायक शिक्षक के 6285 पदों पर सीधी भर्ती के लिए विज्ञापन जारी किया। व्यापम (व्यावसायिक परीक्षा मंडल) ने 1 जुलाई 2023 को परीक्षा परिणाम घोषित किए। इस परिणाम की मूल वैधता अवधि एक वर्ष थी, यानी 1 जुलाई 2024 तक।
इस दौरान बीएड डिग्रीधारियों को सहायक शिक्षक पद की चयन प्रक्रिया से अलग रखने के संबंध में न सर्वोच्च न्यायालय और न ही छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय ने कोई स्पष्ट निर्देश जारी किया था। विभाग ने प्रथम चार चरणों में कटऑफ रैंक में शामिल अभ्यर्थियों की सूचियां जारी कीं। पहली सूचना 8 सितंबर 2023 को और चौथे चरण की सूचना 4 मार्च 2024 को जारी की गई।
उच्च न्यायालय का 2 अप्रैल 2024 का फैसला
2 अप्रैल 2024 को छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय ने एक याचिका पर फैसला सुनाते हुए बीएड डिग्रीधारियों को सहायक शिक्षक पद के लिए अपात्र घोषित कर दिया। इस फैसले के समय तक विभाग 5301 सहायक शिक्षकों की नियुक्ति कर चुका था, जिसमें 2621 बीएड अर्हताधारी थे। न्यायालय के आदेश के बाद आगामी चरण की भर्ती प्रक्रिया रोक दी गई।
वैधता अवधि बढ़ाने का फैसला
1 जुलाई 2024 को मूल वैधता अवधि समाप्त होने के बाद अभ्यर्थियों की याचिका पर उच्च न्यायालय ने 24 फरवरी 2025 को आदेश दिया कि चयन सूची की वैधता 1 जुलाई 2025 तक बढ़ाई जाए। इस अवधि में विभाग ने पांचवें चरण की भर्ती मार्च-अप्रैल 2025 में की। इसमें सेवा से हटाए गए 2621 बीएड अभ्यर्थियों के स्थान पर 2615 डीएड अर्हताधारी अभ्यर्थियों को शामिल किया गया। इनमें से 1316 अभ्यर्थी दस्तावेज सत्यापन में शामिल नहीं हुए या अपात्र पाए गए। शेष 1299 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र जारी किए गए।
अब स्थिति क्या है?
सीधी भर्ती 2023 के परीक्षा परिणामों की विस्तारित वैधता 1 जुलाई 2025 को समाप्त हो चुकी है। छठवें चरण की सूची जारी करने की मांग करने वाले आंदोलनकारी अभ्यर्थी मेरिट में निचले क्रम पर हैं, जिसके कारण उन्हें नियुक्ति का अवसर नहीं मिला। इन अभ्यर्थियों की याचिकाओं को न्यायालय ने भी खारिज कर दिया है।
नई भर्ती परीक्षा ही बेहतर विकल्प
शिक्षाविदों और विशेषज्ञों का मानना है कि अब पुरानी भर्ती प्रक्रिया को पूरी तरह समाप्त कर नई भर्ती परीक्षा आयोजित करना सबसे उचित और पारदर्शी तरीका होगा। नई परीक्षा में पुराने अभ्यर्थियों को भी भाग लेने का अवसर मिल सकेगा और नए अभ्यर्थी भी शामिल हो सकेंगे। इससे न्यायालय के आदेशों का भी पालन हो जाएगा और लंबित विवादों का अंत हो सकेगा।
आंदोलनकारी अभ्यर्थियों की मांग
आंदोलनरत अभ्यर्थी छठवें चरण की सूची जारी करने, शेष रिक्त पदों पर नियुक्ति और पुरानी मेरिट के आधार पर चयन की मांग कर रहे हैं। उन्होंने विभाग पर आरोप लगाया है कि न्यायालय के आदेश के बावजूद पुरानी मेरिट को अनदेखा किया जा रहा है।
स्कूल शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने कहा है कि न्यायालय के आदेशों का पालन किया जा रहा है। विभाग ने स्पष्ट किया कि वैधता अवधि समाप्त होने के बाद नई भर्ती प्रक्रिया ही संभव है। विभाग नए सिरे से भर्ती परीक्षा आयोजित करने पर विचार कर रहा है, लेकिन इसकी समय-सीमा अभी तय नहीं हुई है।
