Aravali Hill Controversy: अरावली बचाने के लिए गुरुग्राम में प्रदर्शन, कैबिनेट मंत्री राव नरबीर सिंह के घर के बाहर जुटे लोग
Aravali Hill Controversy: गुरुग्राम में अरावली पर्वत श्रृंखला के संरक्षण को लेकर एक बार फिर विरोध-प्रदर्शन तेज हो गया है। हरियाणा सरकार के कैबिनेट मंत्री राव नरबीर सिंह के आवास के बाहर बड़ी संख्या में पर्यावरण प्रेमियों, सामाजिक संगठनों और स्थानीय नागरिकों ने प्रदर्शन कर अरावली को बचाने की मांग उठाई।
प्रदर्शनकारियों ने सुप्रीम कोर्ट के उस आदेश पर चिंता जताई, जिसमें अरावली क्षेत्र के 100 मीटर से कम ऊंचाई वाले हिस्सों को लेकर दिशा-निर्देश दिए गए हैं। उनका कहना है कि इस आदेश का गलत इस्तेमाल कर अरावली में खनन और निर्माण गतिविधियों को बढ़ावा मिल सकता है, जो इस प्राचीन पर्वत श्रृंखला के लिए घातक साबित होगा।
प्रदर्शन के दौरान महिलाएं और युवा हाथों में पोस्टर और बैनर लेकर मंत्री के आवास के बाहर एकत्र हुए। उन्होंने “अरावली बचाओ–देश बचाओ” और “अरावली नहीं तो भविष्य नहीं” जैसे नारों के जरिए सरकार का ध्यान पर्यावरण संकट की ओर खींचने की कोशिश की।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि अरावली पर्वत न केवल जैव विविधता का केंद्र है, बल्कि यह दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र के लिए प्राकृतिक सुरक्षा कवच का काम भी करती है। अरावली में हो रहा खनन, निर्माण और अंधाधुंध विकास पर्यावरण संतुलन को गंभीर नुकसान पहुंचा सकता है।
दिल्ली-एनसीआर के विभिन्न इलाकों से आए लोगों ने शांतिपूर्ण तरीके से विरोध दर्ज कराया। उन्होंने यह भी याद दिलाया कि इससे पहले प्रस्तावित 10,000 एकड़ की जंगल सफारी परियोजना को पर्यावरणीय कारणों से सुप्रीम कोर्ट द्वारा रोका गया था।
प्रदर्शनकारियों ने सरकार से मांग की कि अरावली क्षेत्र को संरक्षित क्षेत्र घोषित किया जाए और इसके संरक्षण के लिए एक मजबूत और स्पष्ट नीति बनाई जाए। उनका कहना है कि विकास के नाम पर प्रकृति का विनाश भविष्य की पीढ़ियों के साथ अन्याय है।
