आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का बड़ा ऐलान, 9 मार्च को राजधानी में उग्र आंदोलन

आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का 9 मार्च को राजधानी में उग्र आंदोलन

आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का 9 मार्च को राजधानी में उग्र आंदोलन

रायपुर: महंगाई और बढ़ती जिम्मेदारियों के बीच वर्षों से कम मानदेय पर कार्य कर रहीं आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाएं अब अपने अधिकारों को लेकर खुलकर सामने आ गई हैं। छत्तीसगढ़ प्रदेश आंगनबाड़ी महिला कार्यकर्ता सहायिका संघ के आह्वान पर प्रदेशभर में आंदोलन की तैयारी तेज कर दी गई है। संघ ने लंबित मांगों के निराकरण के लिए प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री और संबंधित मंत्रियों को ज्ञापन सौंपते हुए शीघ्र निर्णय लेने की मांग की है।

“पांच दशक बाद भी नहीं मिला हक”

संघ की जिला अध्यक्ष दुलारी धाम ने कहा कि देश को आजाद हुए पांच दशक से अधिक समय बीत चुका है, लेकिन आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को अब तक न्यूनतम मजदूरी, सामाजिक सुरक्षा और शासकीय कर्मचारी का दर्जा जैसी बुनियादी सुविधाएं नहीं मिल पाई हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की अधिकांश योजनाएं आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के माध्यम से संचालित होती हैं, इसके बावजूद उन्हें नजरअंदाज किया जा रहा है।

6 हजार और 2210 रुपये में निभा रहीं कई जिम्मेदारियां

ज्ञापन में बताया गया है कि वर्तमान में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को मात्र 6,000 रुपये और सहायिकाओं को 2,210 रुपये प्रतिमाह मानदेय दिया जा रहा है, जो बढ़ती महंगाई के दौर में बेहद कम है। जबकि पोषण आहार वितरण, टीकाकरण अभियान, मातृ-शिशु स्वास्थ्य देखभाल, प्री-स्कूल शिक्षा, सर्वेक्षण कार्य, चुनाव ड्यूटी सहित कई महत्वपूर्ण शासकीय दायित्व उनके जिम्मे हैं।

संघ की प्रमुख मांगें

संघ ने अपनी प्रमुख मांगों में —आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को शासकीय कर्मचारी का दर्जा देकर नियमित करने, कार्यकर्ताओं का मानदेय 26,000 रुपये और सहायिकाओं का 22,100 रुपये प्रतिमाह करने, वृद्धावस्था पेंशन, समूह बीमा, दुर्घटना बीमा और स्वास्थ्य सुरक्षा योजना लागू करने की मांग शामिल की है।

26-27 फरवरी को कार्य बहिष्कार, 9 मार्च से अनिश्चितकालीन आंदोलन

संघ ने घोषणा की है कि 26 और 27 फरवरी 2026 को प्रदेशभर में आंगनबाड़ी केंद्र बंद रखकर कार्य बहिष्कार और धरना प्रदर्शन किया जाएगा। यदि मांगें पूरी नहीं की गईं, तो 9 मार्च 2026 से रायपुर में लगभग एक लाख कार्यकर्ता और सहायिकाएं अनिश्चितकालीन आंदोलन के साथ विधानसभा घेराव करेंगी।

बजट में अनदेखी का आरोप

संघ ने आरोप लगाया है कि बजट 2026-27 में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के हितों की अनदेखी की गई है, जिससे प्रदेशभर में आक्रोश है। सुकमा सहित विभिन्न जिलों में आंदोलन की तैयारियां तेज कर दी गई हैं। परियोजना स्तर पर बैठकों का दौर जारी है और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता आंदोलन में शामिल होने की तैयारी कर रही हैं।

Youthwings